रांची; रणजी ट्रॉफी में झारखंड की क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को एक और झटका लगा है. ओड़िशा के खिलाफ मुकाबला ड्रा रहने के बाद टीम चार मैचों में महज छह अंक के साथ ग्रुप में छठे स्थान पर है. अब नॉकआउट की दौड़ में बने रहने के लिए झारखंड को अपने आखिरी तीनों मुकाबले जीतने होंगे. इसके बावजूद टीम की क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की नहीं होगी. दूसरे मुकाबलों के परिणाम भी झारखंड के पक्ष में आने जरूरी होंगे.

ओड़िशा के खिलाफ मुकाबले में झारखंड ने पहली पारी में आठ विकेट पर 433 रन बनाकर पारी घोषित की थी. इसके जवाब में ओड़िशा की टीम सात विकेट पर 280 रन ही बना सकी. हालांकि, झारखंड को पहली पारी में बढ़त मिलने के बावजूद मुकाबले का नतीजा ड्रा रहा. टीम इस मैच से अपेक्षित अंक हासिल नहीं कर सकी. इसका असर ग्रुप की अंकतालिका में उसकी स्थिति पर पड़ा है.
अब झारखंड के सामने आगे के तीन मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की बड़ी चुनौती होगी. टीम को न सिर्फ अपने सभी मैच जीतने होंगे, बल्कि ग्रुप की अन्य टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी. किसी भी मैच में अंक गंवाने से क्वार्टर फाइनल की उम्मीदों को और झटका लग सकता है.
सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी के बाद शुरू होगा दूसरा चरण
रणजी ट्रॉफी का दूसरा चरण अब सैय्यद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी के बाद शुरू होगा. सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी का आयोजन 14 नवंबर से छह दिसंबर तक किया जायेगा. इसके बाद 17 जनवरी से रणजी ट्रॉफी के मुकाबले फिर शुरू होंगे. झारखंड के पास दूसरे चरण से पहले अपनी रणनीति और प्रदर्शन की समीक्षा करने का मौका होगा. अब देखना होगा कि टीम शेष तीन मुकाबलों में जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल की दौड़ में वापसी कर पाती है या नहीं.


