तुपुदाना की शराब फैक्ट्री से बोकारो के लिए निकला था ट्रक, रास्ते में हुआ लापता; चौपारण में ट्रक मिलने के बाद चालक की मौत और करोड़ों के शराब कारोबार से जुड़े मामले की जांच तेज

रांची के तुपुदाना स्थित शराब फैक्ट्री से करीब 80 लाख रुपये की विदेशी शराब लेकर निकला ट्रक हजारीबाग जिले के चौपारण में बरामद हुआ है। गुरुवार रात ट्रक मिलने के बाद उसके अंदर चालक का शव बरामद होने की सूचना है। हैरानी की बात यह है कि ट्रक में लदी शराब की सभी 1100 पेटियां गायब हैं। इस घटना के सामने आने के बाद शराब की खेप गायब होने और चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला उलझ गया है। फिलहाल रांची और हजारीबाग पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब 80 लाख रुपये की शराब आखिर कहां गायब हो गई और चालक नागेंद्र सिंह की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या शराब की खेप को रास्ते में ही उतारकर गायब कर दिया गया या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी? पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक चालक की हत्या और शराब गायब करने के पीछे किसी गिरोह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
29 अक्टूबर को फैक्ट्री में लोड हुई थी 1100 पेटी शराब
जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को ट्रक संख्या JH01CA-8807 को तुपुदाना स्थित अजंता बॉटलर्स एंड ब्लेंडर्स प्राइवेट लिमिटेड परिसर में शराब लोड करने के लिए बुलाया गया था। ट्रक में दो ब्रांड की विदेशी शराब लोड की गई थी। इनमें रॉयल चैलेंज फाइनस्ट प्रीमियम व्हिस्की की 750 पेटियां और मैकडॉवेल्स नंबर-1 लग्जरी ब्लेंडेड व्हिस्की की 350 पेटियां शामिल थीं। इस तरह ट्रक में कुल 1100 पेटियां शराब लोड की गई थीं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है। शराब की इस खेप को बोकारो स्थित झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) भेजा जाना था।
पोर्टल में खराबी के कारण नहीं बना ऑनलाइन परमिट
बताया जाता है कि 29 अक्टूबर की रात करीब 10:45 बजे तक ट्रक में शराब की लोडिंग पूरी हो चुकी थी। लेकिन इसी दौरान विभागीय पोर्टल में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण शराब के परिवहन के लिए जरूरी ऑनलाइन परमिट जनरेट नहीं हो सका। इस वजह से ट्रक को फैक्ट्री परिसर से बाहर खड़ा कर दिया गया और चालक को आगे के निर्देश मिलने तक इंतजार करने को कहा गया।
इसके बाद 30 अक्टूबर को आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। शाम करीब 4:45 बजे ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों की ओर से ट्रक को बोकारो रवाना करने का संदेश दिया गया। लेकिन जब ट्रांसपोर्ट कंपनी का प्रतिनिधि निर्धारित स्थान पर पहुंचा तो वहां ट्रक मौजूद नहीं था। इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई।
चालक का मोबाइल बंद, ट्रक और चालक दोनों हुए लापता
ट्रक गायब मिलने के बाद चालक नागेंद्र सिंह से मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई। हालांकि, उसका फोन लगातार बंद मिला। काफी प्रयास के बाद भी चालक और ट्रक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर ट्रांसपोर्ट कंपनी ने अपने स्तर से तलाश शुरू की। इस दौरान ट्रांसपोर्टर ने ट्रक मालिक और चालक की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया और तुपुदाना ओपी में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इसी बीच गुरुवार रात हजारीबाग जिले के चौपारण इलाके में लापता ट्रक बरामद कर लिया गया। लेकिन ट्रक के अंदर चालक का शव मिलने और शराब की 1100 पेटियां गायब होने की जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया।
अब पुलिस के सामने तीन बड़े सवाल
ट्रक की बरामदगी के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस के सामने सबसे पहले चालक नागेंद्र सिंह की मौत की वजह स्पष्ट करने की चुनौती है। इसके अलावा यह पता लगाना जरूरी है कि ट्रक से शराब की 1100 पेटियां कहां और किन परिस्थितियों में उतारी गईं। तीसरा सवाल यह है कि शराब की खेप गायब होने की घटना में ट्रक चालक, मालिक, ट्रांसपोर्ट कंपनी या किसी अन्य व्यक्ति की क्या भूमिका रही है।
फिलहाल रांची और हजारीबाग पुलिस मामले की जांच कर रही है। चालक की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट से चलेगा। वहीं, गायब शराब की बरामदगी और इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। करीब 80 लाख रुपये की शराब और एक चालक की संदिग्ध मौत से जुड़े इस मामले में अब पुलिस की जांच पर सबकी नजर है।


