कर्रा-तोरपा मुख्य मार्ग पर भीषण हादसे में सात लोगों की गई जान, रेलवे फाटक के पास ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी; मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया दुख

खूंटी। जिले के कर्रा थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सात लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। गुरुवार देर रात कर्रा-तोरपा मुख्य मार्ग पर जोने-लुदरू मोड़ के समीप हुए भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हादसे में सात लोगों की जान जाने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह रेलवे फाटक के पास सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ इलाके में सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग कर रहे थे।
हादसे में एक साथ सात लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों की पहचान करमी लोहराइन (55 वर्ष), जसवंती देवी (40 वर्ष), अग्नि सांगा (35 वर्ष), सुभानी कुमारी (11 वर्ष), सोनी कुमारी (9 वर्ष), अंजली कुमारी (18 वर्ष) और कौशल्या देवी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतकों में दो बच्चियां भी शामिल हैं। इस घटना के बाद से मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों में हादसे को लेकर गहरा आक्रोश है।
मुआवजा और सड़क सुरक्षा की मांग पर अड़े ग्रामीण
शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने रेलवे फाटक के पास सड़क पर आवागमन रोक दिया। उनका कहना था कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को समुचित मुआवजा मिलना चाहिए। इसके साथ ही कर्रा-तोरपा मुख्य मार्ग पर सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद कर्रा थाना प्रभारी राजू कुमार पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। वे प्रशासन से ठोस आश्वासन मिलने की मांग कर रहे थे। समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया गहरा दुख
कर्रा में हुए इस भीषण हादसे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सात लोगों की मृत्यु को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि इस दुर्घटना की खबर से उनका मन व्यथित है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। साथ ही उन्होंने मरांग बुरु से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।
हादसे के बाद सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
कर्रा-तोरपा मुख्य मार्ग पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सात लोगों की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन केवल आश्वासन तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क पर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करे। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई और ग्रामीणों की मांगों पर होने वाले फैसले पर टिकी है।


