
रांची: मोराबादी स्थित रजिस्ट्री ऑफिस के समीप नगर निगम द्वारा हटाए गए फुटपाथ दुकानदारों और गरीबों का दर्द सुनने मेयर रोशनी खलखो बीती रात अचानक उनके बीच पहुंचीं। नगर निगम की बेदखली कार्रवाई के बाद खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर दुकानदारों और उनके परिवारों से मिलकर मेयर काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर पूरी स्थिति की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
दुकानदारों ने सुनाई आपबीती
स्थानीय दुकानदारों ने मेयर को अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि वे वर्षों से यहां दुकान लगाकर अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे थे। नगर निगम की इस अचानक हुई कार्रवाई ने उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस पुनर्वास व्यवस्था के उन्हें हटा दिया गया, जिससे उनके पास अब रहने और कमाने का कोई जरिया नहीं बचा है।
क्या कहा मेयर ने
मेयर रोशनी खलखो ने इस कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि फुटपाथ दुकानदारों और गरीबों को इस तरह बेघर करना अमानवीय है। उन्होंने कहा:
”नगर निगम का काम शहर को व्यवस्थित करना है, लेकिन किसी गरीब के पेट पर लात मारकर या उन्हें उजाड़कर कोई विकास नहीं हो सकता। बिना वेंडिंग जोन या वैकल्पिक व्यवस्था दिए इस तरह की कार्रवाई पूरी तरह गलत है।”
निगम की कार्रवाई से नाराज मेयर रौशनी
मेयर ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को नगर निगम की आगामी बैठक में प्रमुखता से उठाएंगी और जब तक इन लोगों को रोजगार के लिए स्थायी जगह नहीं मिल जाती, तब तक इनके अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगी। मेयर के इस दौरे से बेघर हुए लोगों में एक उम्मीद की किरण जगी है।


