रांची। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के शीर्ष कमांडर अजय महतो उर्फ ‘Tiger’ और ‘Ravindra Ganjhu’ की गिरफ्तारी के बाद झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान निर्णायक चरण में पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों से पूछताछ में मिले अहम इनपुट के बाद पूर्वी सिंहभूम के दलमा और उससे सटे सीमावर्ती जंगलों में बड़े पैमाने पर सर्च एवं कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
सुरक्षाबलों के निशाने पर फिलहाल एक करोड़ रुपये का इनामी केंद्रीय समिति (सीसी) सदस्य , मिसिर बेसरा,असीम मंडल उर्फ आकाश और उसका दस्ता है। दलमा, केशरपुर, तुंगबुरू, भुइयासीन, बुरुडीह, चमटा और दीघा के घने जंगलों में सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। वहीं पटमदा, बोड़ाम और गालूडीह क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, सारंडा, कोल्हान और पोड़ाहाट के जंगलों में सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के कारण माओवादी अब दलमा क्षेत्र की ओर सिमटने को मजबूर हुए हैं। बताया जा रहा है कि पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के करीबी केंद्रीय समिति सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश, रीजनल कमेटी सदस्य रामदास मार्डी उर्फ सचिन और रवि सरदार फिलहाल दलमा के जंगलों में शरण लिए हुए हैं।
रडार पर संगठन के बड़े चेहरे
मिसिर बेसरा (उर्फ सागर जी, सुनिर्मल जी, भास्कर) – पोलित ब्यूरो सदस्य, ₹1 करोड़ का इनामी, मूल निवासी पीरटांड़ (गिरिडीह)।
असीम मंडल उर्फ आकाश – केंद्रीय समिति सदस्य, ₹1 करोड़ का इनामी, AK-47 से लैस।
मदन महतो – ₹15 लाख का इनामी, AK-47 से लैस।
रामदास मार्डी उर्फ सचिन – रीजनल कमेटी सदस्य, सक्रिय वांटेड।
मंगल सिंह सरदार उर्फ पांडू – दस्ते का सदस्य, ₹5 लाख का इनामी।
गौरी उर्फ बुलू – सब-जोनल सदस्य, ₹5 लाख का इनामी।
मालती उर्फ मलूटी – एरिया कमांडर, ₹2 लाख का इनामी।
मिता उर्फ नयनतारा – जोनल कमांडर, सक्रिय वांटेड।
सूत्रों का कहना है कि दलमा के दुर्गम जंगलों में माओवादियों की घेराबंदी कर लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं। अभियान तेज कर दिया गया है।




