बोकारो, दुमका, जमशेदपुर, देवघर, हजारीबाग और डाल्टनगंज एयरपोर्ट पर फोकस
रांची: झारखंड में हवाई संपर्क को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य के छह एयरपोर्टों के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की योजना को आगे बढ़ाते हुए 122.04 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ना, क्षेत्रीय विकास को गति देना और पर्यटन तथा उद्योग को बढ़ावा देना है।
केंद्र सरकार के अनुसार बोकारो, दुमका, जमशेदपुर, देवघर, हजारीबाग और डाल्टनगंज को क्षेत्रीय संपर्क योजना (UDAN) के तहत विकसित किया जा रहा है। इनमें देवघर और जमशेदपुर से हवाई सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जबकि बोकारो और दुमका एयरपोर्ट का विकास कार्य पूरा हो चुका है और इनके लाइसेंसिंग की प्रक्रिया जारी है।
हालांकि हजारीबाग और डाल्टनगंज एयरपोर्ट के विकास में अभी भी भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण देरी हो रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों परियोजनाओं पर काम राज्य सरकार द्वारा आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के बाद ही तेज गति से आगे बढ़ सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि छह एयरपोर्टों के विकसित होने से झारखंड के औद्योगिक, खनन और पर्यटन क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे राज्य के दूरदराज़ इलाकों की देश के प्रमुख शहरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही निवेश, व्यापार, मेडिकल इमरजेंसी, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।
सरकार का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में इस परियोजना का लाभ करीब चार करोड़ यात्रियों को मिलेगा। बेहतर एयर कनेक्टिविटी से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। एयरपोर्टों के आसपास होटल, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक सेवाओं का भी विस्तार होने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार का कहना है कि क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान (UDAN) के माध्यम से छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का अभियान लगातार जारी है। झारखंड में छह एयरपोर्टों का विकास इसी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद राज्य की एयर कनेक्टिविटी पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत होगी और झारखंड देश के प्रमुख आर्थिक एवं पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभर सकेगा।



