डीसी कार्यालय की सीढ़ियों पर बैठकर किया अनोखा धरना, डीएसई ने 15 अगस्त से पहले दो सहायक शिक्षकों की तैनाती का दिया भरोसा
धनबाद: सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के दावों के बीच धनबाद जिले के गोमो स्थित गुनघसा माध्यमिक विद्यालय, तोपचांची के छात्र-छात्राओं ने शिक्षक की मांग को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। सैकड़ों बच्चे उपायुक्त (डीसी) कार्यालय पहुंचे और “शिक्षक दो, शिक्षा बचाओ” के नारे के साथ डीसी कार्यालय की सीढ़ियों पर बैठकर धरना दिया। छात्रों की मांग थी कि स्कूल में जल्द से जल्द पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक 264 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन पूरे स्कूल की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक मानस कुमार के कंधों पर है। छात्रों का कहना है कि एक शिक्षक के भरोसे सभी कक्षाओं की नियमित पढ़ाई संभव नहीं हो पा रही है। कई बार उन्हें स्वयं पढ़ाई करनी पड़ती है और सप्ताह में केवल एक-दो बार ही शिक्षक उनकी कक्षाएं ले पाते हैं।
धरना देने पहुंचे छात्रों ने उपायुक्त से मिलने का इंतजार किया, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। बच्चों ने कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक स्कूल में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य श्यामल मंडल ने बताया कि वर्षों से जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। वहीं, विद्यालय के एकमात्र शिक्षक मानस कुमार ने भी स्वीकार किया कि प्रशासनिक कार्यों के साथ कक्षा एक से आठ तक सभी बच्चों को पढ़ाना बेहद चुनौतीपूर्ण है।
मामले पर जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) शालिनी डूंगडूंग ने कहा कि उन्हें विद्यालय में शिक्षकों की कमी की जानकारी पहले से है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 15 अगस्त से पहले विद्यालय में दो सहायक शिक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी। यदि नियमित पदस्थापन संभव नहीं हुआ तो डेपुटेशन के आधार पर दो शिक्षकों को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को समाहरणालय लेकर आने के मामले में संबंधित विद्यालय से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
अब सभी की नजर प्रशासन के उस वादे पर है, जिसमें 15 अगस्त से पहले दो शिक्षकों की तैनाती का भरोसा दिया गया है। यदि यह वादा पूरा होता है तो लंबे समय से शिक्षक की कमी से जूझ रहे विद्यालय के छात्रों को बड़ी राहत मिल सकती है।



