Ranchi News: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अलग-अलग छात्र संगठन और गुट अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच JPSC की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका यानी PIL (Public Interest Litigation) दाखिल की है। याचिका में JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं की जांच कराने की मांग की गई है।
JPSC-JSSC परीक्षा की जांच की मांग
दाखिल की गई जनहित याचिका में JPSC और JSSC की परीक्षाओं से जुड़े कथित मामलों की जांच की मांग उठाई गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की जरूरत है। यह मामला ऐसे समय सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जब JPSC-JSSC को लेकर रांची में छात्र संगठनों का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है और छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
अभी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई PIL
हालांकि, हरिशरण देवगन की ओर से दाखिल की गई PIL फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है। यानी अभी इस याचिका पर अदालत में सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। JPSC की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। अब जनहित याचिका दाखिल होने के बाद इस मामले की कानूनी दिशा पर भी नजर बनी हुई है।
रांची में छात्रों का प्रदर्शन जारी
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों के अलग-अलग संगठन और गुट आंदोलन कर रहे हैं। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल PIL पर आगे क्या कार्रवाई होती है और इसे सुनवाई के लिए कब सूचीबद्ध किया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
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