राँची में फिल्म ‘लोकल हीरो’ के प्रमोशन के नाम पर फिल्म निर्माता ने की 5.5 लाख की ठगी
महिला ने दर्ज करायी छेड़छाड़ और ठगी की प्राथमिकी
फिल्म छोड़ भागा प्रोड्यूशर, राउरकेला जाकर पुलिस ने किया गिरफ्तार

राची के न्यायिक दण्डाधिकारी की अदालत में एक गंभीर धोखाधड़ी और महिला उत्पीड़न का मामला सामने आया है. कांके रोड, गोंदा (राँची) निवासी 32 वर्षीया बिना देवी ने सिमडेगा निवासी अनिल कुमार जाटे (पिता – पास्कल जाटे) के खिलाफ अदालत में केस (Complaint Petition) दाखिल किया है. लोकल हीरो नामक इस फिल्म में नागपुरी हीरो रोहित आरके के साथ साथ स्वीकार मुंडा, हीरोइन हीरोइन कविता अग्रवाल और जयपुर से मुस्कान के साथ साथ विलेन के रुप में कुणाल भारती, चांदनी बड़ाइक, नीरज वत्स और पंकज सिन्हा ने अहम भूमिका निभाई है. यहां यह भी हैरत की बात है कि फिल्म से जुड़े कई कलाकारों और सहयोगियों को भुगतान नहीं किया गया है. इसका टीजर रीलिज कर रोहित आरके पूरे झारखंड में नाम कमा रहे हैं लेकिन उनकी फिल्म का प्रोड्यूशर अनिल जाटे ही फ्राड निकला है यह बात सभी से छुपा रहे हैं. हालांकि, पुलिस ने फरार प्रोडयूशर अनिल जाटे को राउरकेला से गिरफ्तार कर लिया है.
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता के अनुसार, अभियुक्त अनिल कुमार जाट ने अपनी फिल्म “लोकल हीरो” के प्रमोशन के नाम पर बिना देवी के पार्टनर अमित कुमार चौरसिया से ₹5,50,000 (पाँच लाख पचास हजार रुपये) प्राप्त लिए थे. इस लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच एक विधिवत लिखित एग्रीमेंट भी किया गया था, जिसमें बिना देवी खुद एक गवाह थीं. आरोप है कि राशि प्राप्त करने के बाद अभियुक्त ने बेईमानी दिखाते हुए पैसा लौटाने से साफ इनकार कर दिया और विवाद शुरू कर दिया.
छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और धमकियों के गंभीर आरोप
केस में अनिल कुमार जाटे पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं:
पैसा मांगने पर अभद्रता: एग्रीमेंट के तहत राशि वापस मांगने पर अभियुक्त द्वारा गाली-गलौज की गई और अनैतिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया गया.
छेड़छाड़ का प्रयास: अभियुक्त पर आरोप है कि उसने संगीत निर्देशक तरुण नायक के घर में पीड़िता को अकेला पाकर गलत नीयत से छेड़छाड़ और शारीरिक रूप से जबरदस्ती करने की कोशिश की.
जान से मारने व दुष्कर्म की धमकी: पीड़िता को शिकायत करने पर “सिमडेगा में दुष्कर्म करवाकर जंगल में फिंकवा देने” और पुलिस को जेब में रखने जैसी धमकियाँ दी गईं.
डिजिटल साक्ष्य और अफवाहें: 5 अक्टूबर 2025 को अभियुक्त द्वारा भेजे गए धमकी भरे SMS का डिजिटल साक्ष्य मौजूद है. इसके अलावा, अभियुक्त पर फिल्म इंडस्ट्री और असम में पीड़िता के खिलाफ झूठी व अश्लील अफवाहें फैलाकर मानहानि करने का भी आरोप है.
पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पूर्व में गोंदा थाना (राँची) में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा न तो प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और न ही कोई कार्रवाई हुई. इसके विपरीत, उन्हें थाना से अपमानित करके भगा दिया गया.
अदालत से न्याय की गुहार
पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता को देखते हुए पीड़िता ने न्याय हेतु माननीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है. भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न सुसंगत धाराओं—74, 75, 79, 296, 318(4), 351(2), 351(3), और 352 के तहत मामला दर्ज करने की प्रार्थना की गई है.
अदालत से निवेदन किया गया है कि परिवाद पत्र को संबंधित थाने को भेजकर धारा 175(3) BNSS / 156(3) Cr.P.C. के तहत तुरंत FIR दर्ज कर निष्पक्ष जाँच के आदेश दिए जाएं.


