रांची। JSSC-CGL परीक्षा को रद्द किए जाने के फैसले के विरोध में परीक्षा पास कर विभिन्न विभागों में नियुक्त होकर करीब सात महीने से सेवाएं दे रहे सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों ने सोमवार को रांची में प्रदर्शन किया। करीब 2,000 चयनित कर्मियों ने प्रोजेक्ट भवन के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर सामूहिक रूप से परीक्षा रद्द करने का विरोध किया और अपने भविष्य को सुरक्षित रखने की मांग उठाई।

प्रदर्शन कर रहे चयनित कर्मियों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास की, लंबी कानूनी प्रक्रिया और संघर्ष के बाद 30 दिसंबर 2025 को नियुक्ति प्राप्त की और तब से अलग-अलग विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में पूरी परीक्षा रद्द किए जाने की स्थिति में उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है।
‘जांच का विरोध नहीं, सामूहिक सजा का विरोध’
चयनित कर्मियों ने कहा कि वे किसी भी निष्पक्ष जांच के खिलाफ नहीं हैं। यदि परीक्षा में किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई की जानी चाहिए।
उनका सवाल है कि यदि कुछ लोगों की वजह से परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए पूरी परीक्षा में सफल होकर नियुक्त हुए सभी अभ्यर्थियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। चयनित कर्मियों ने कहा कि पूरी परीक्षा रद्द करने से उन अभ्यर्थियों पर भी असर पड़ेगा, जिन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की है।
नौकरी जाने की चिंता, परिवार के भविष्य पर भी सवाल
चयनित कर्मियों का कहना है कि वे करीब सात महीने से सरकारी सेवा में हैं और अपने-अपने विभागों में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अचानक परीक्षा रद्द होने की स्थिति में नौकरी जाने का खतरा उनके सामने खड़ा हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई अभ्यर्थियों ने नौकरी मिलने के बाद अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभालनी शुरू की हैं। ऐसे में चयन रद्द होने या नौकरी समाप्त होने की स्थिति में उनके सामने न सिर्फ रोजगार का संकट आएगा, बल्कि परिवार के भविष्य को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा होगी।
झारखंड मंत्रालय में भी जुटे चयनित कर्मी
इधर, JSSC-CGL से चयनित और वर्तमान में झारखंड मंत्रालय में कार्यरत 300 से अधिक कर्मियों के भी एकजुट होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंत्रालय का गेट फिलहाल बंद कर दिया गया है। किसी को अंदर आने या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
मंत्रालय परिसर के बाहर और आसपास स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। चयनित कर्मी परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले पर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं और सरकार से अपने भविष्य को सुरक्षित रखने की मांग कर रहे हैं।
चयनित कर्मियों की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरी परीक्षा और उससे जुड़े सभी चयन को रद्द करना अंतिम रूप से निर्दोष अभ्यर्थियों को भी प्रभावित करेगा।
चयनित कर्मियों ने सरकार से मामले में ऐसा रास्ता निकालने की मांग की है, जिससे निष्पक्ष जांच भी हो और निर्दोष चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी भी सुरक्षित रहे।
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