रांची: JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के बावजूद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा और पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष बाबू लाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सिर्फ परीक्षा रद्द कर देने से अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिलेगा, बल्कि कथित गड़बड़ी के पीछे जिम्मेदार लोगों और पूरे नेटवर्क की पहचान के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।
बीजेपी ने दावा किया कि JSSC CGL मामले में कई गंभीर सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कथित तौर पर प्रश्नपत्र से जुड़ी गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
‘परीक्षा रद्द करना बच्चों को न्याय नहीं’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला तो कर दिया, लेकिन इससे उन अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिलेगा, जिन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल की है और अब अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं।
BJP के मुताबिक, अगर चयनित अभ्यर्थी परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं, तो सरकार को अदालत के सामने पूरे मामले के तथ्य रखने होंगे। पार्टी ने सवाल उठाया कि ऐसे में जांच निष्पक्ष होगी या नहीं, यह बड़ा मुद्दा है।
‘सरकारी एजेंसी से नहीं, CBI से हो जांच’
बीजेपी ने राज्य की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का आरोप है कि मौजूदा जांच से पूरे मामले की तह तक पहुंचना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कथित पेपर लीक से लेकर पैसों के लेन-देन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका तक सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए। CBI जांच होने पर ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है और यह पता लगाया जा सकता है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पीछे कौन लोग थे।
‘होटलों में प्रश्न रटवाने का आरोप भी जांच के दायरे में आए’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड के अलग-अलग स्थानों और होटलों में अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्न रटवाए जाने की बातें सामने आई हैं। इन सभी की पेशकश कोर्ट के सामने कौन करेगा ?
‘नौकरी खरीदने वालों की भी हो पहचान’
बीजेपी ने मामले को सिर्फ परीक्षा में गड़बड़ी तक सीमित नहीं रखने की बात कही। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि अगर किसी अभ्यर्थी ने कथित तौर पर पैसे देकर नौकरी हासिल की है, तो ऐसे मामलों की भी जांच होनी चाहिए।
जांच का दायरा इतना व्यापक होना चाहिए कि कथित तौर पर पेपर लीक कराने वालों से लेकर पैसे के लेन-देन और किसी भी तरह से लाभ लेने वालों तक सभी की भूमिका सामने आ सके।
सरकार पर ‘भ्रमित करने’ का आरोप
नेता प्रतिपक्ष द्वारा आरोप लगाया गया कि सरकार आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को समाधान देने के बजाय उन्हें भ्रमित कर रही है। पार्टी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने बड़े मामले में सरकार को पारदर्शी तरीके से जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
बीजेपी ने दोहराया कि JSSC CGL परीक्षा रद्द करना अंतिम समाधान नहीं है। पार्टी की मांग है कि पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए, ताकि कथित अनियमितता की तह तक पहुंचकर जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके।
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