रांची। MMDR संशोधन बिल को लेकर उठे सियासी आग के बीच केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस विधेयक की जमकर सराहना की है। रांची स्थित बीजेपी कार्यालय में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने एमएमडीआर (खान एवं खनिज विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून राज्यों की स्थिति सुधारेगा और खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाकर भारत को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर ले जाने में मददगार साबित होगा।
मुख्यमंत्री के विरोध पर जताई नाराजगी
संजय सेठ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा इस विधेयक का विरोध किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक चश्मे से न देखकर झारखंड की भलाई के लिए सोचना होगा, क्योंकि इस बदलाव से राज्य की तकदीर और तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल कोई ‘पॉलीटिकल एजेंडा’ नहीं बल्कि देश का एजेंडा है और मुख्यमंत्री को इसका स्वागत करना चाहिए था।
अवैध माइनिंग पर रोक की जरूरत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बिल के जरिए अवैध माइनिंग पर रोक लगनी चाहिए और वैध खनन से आर्थिक संपन्नता आनी चाहिए। उन्होंने झारखंड सरकार को पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे माइनिंग राज्यों से प्रतिस्पर्धा करने की सलाह दी। उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि लैंडिंग कॉस्ट के मामले में ओडिशा 1708 रुपये पर दे रहा है जबकि झारखंड 2460 रुपये पर दे रहा है, इस अंतर को पाटना जरूरी है।
कोल ब्लॉक के आंकड़े भी रखे
उन्होंने बताया कि झारखंड में पिछले वित्तीय वर्ष में 11 कोल ब्लॉक लीज पर दिए गए, लेकिन एक भी चालू नहीं हो पाया, जबकि ओडिशा में 79 कोल ब्लॉक में से 35 चालू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को ‘विकसित भारत’ के नजरिए से देखने की जरूरत है, जिससे माइनिंग क्षेत्रों में बेहतर स्कूल, अस्पताल और शिक्षा व्यवस्था विकसित हो सकेगी।


