रांची नगर निगम ने शहर में बिना म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। निगम की विशेष जांच टीम ने शहर के अलग-अलग वार्डों में संचालित 70 कोचिंग संस्थानों के लाइसेंस की जांच की, जिसमें से 18 संस्थान ऐसे पाए गए जो बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के धड़ल्ले से संचालित हो रहे थे। निगम ने इन सभी संस्थानों को पहले नोटिस जारी कर लाइसेंस लेने की मोहलत दी थी, लेकिन बावजूद इसके जब इन्होंने नियमों का पालन नहीं किया, तो अब निगम ने इन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
झारखंड डिजिटल ने भी कोचिंग संस्थानों को लेकर चलायी थी
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही झारखंड डिजिटल ने भी कोचिंग संस्थानों को लेकर एक खबर चलायी थी , जिसमें बताया गया था कि रांची में संचालित न्यूटन कोचिंग संस्थान, फीटजी, समर्थ समेत करीब 20 कोचिंग संस्थान कभी भी सील किए जा सकते हैं। यह भी बताया गया था कि ये संस्थान खुद को नियमों और कानून से ऊपर समझने लगे हैं और वर्षों से कानून की अनदेखी कर मनमाने ढंग से संचालन कर रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद इन संस्थानों में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। असल समस्या यह है कि इन संस्थानों में दाखिले के वक्त ही छात्रों से एडवांस के तौर पर लाखों रुपये फीस वसूल ली जाती है। ऐसे में अगर यह संस्थान सील कर दिए जाते हैं, तो छात्रों की पढ़ाई और अभिभावकों द्वारा जमा की गई भारी-भरकम रकम, दोनों ही दांव पर लग सकती हैं।
आवासीय हो या व्यावसायिक परिसर
निगम का साफ कहना है कि आवासीय हो या व्यावसायिक परिसर, बिना ट्रेड लाइसेंस किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित करना नियमों का सीधा उल्लंघन है। जांच में शामिल 18 संस्थानों पर झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 455 और 600 तथा झारखंड म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस रूल्स, 2017 के कंडिका 19 और 20 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। इन्हीं प्रावधानों के तहत निगम ने अब संबंधित संस्थानों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए सीलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर निगम की इस ताजा कार्रवाई से यह संकेत साफ हो गया है कि प्रशासन अब बिना लाइसेंस चल रहे कोचिंग सेंटरों के प्रति किसी तरह की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। निगम ने दोहराया है कि ऐसे तमाम संस्थानों के खिलाफ आने वाले दिनों में कानून के दायरे में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि नियमों की अनदेखी करने वालों पर प्रभावी लगाम लगाई जा सके।
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