बोकारो: लंबित मानदेय के भुगतान को लेकर यूएएएम में कार्यरत चिकित्सकों और पारा मेडिकल कर्मियों की शिकायत पर बोकारो उपायुक्त ने तत्काल संज्ञान लिया है। मंगलवार को लोक संवाद कार्यक्रम में कर्मियों ने अपने बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर उपायुक्त के समक्ष आवेदन दिया। शिकायत मिलने के बाद मामले को लंबित रखने के बजाय उपायुक्त अजय नाथ झा ने संबंधित अधिकारियों के साथ जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कर भुगतान प्रक्रिया की समीक्षा की।
मामला 15वें वित्त आयोग के तहत चास नगर निगम और फुसरो नगर परिषद क्षेत्र में यूएएएम के माध्यम से कार्यरत चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों के लंबित मानदेय से जुड़ा है।
भुगतान से पहले दस्तावेज पूरे करने का निर्देश
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में हुई बैठक में उपायुक्त ने मामले की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित मानव बल एजेंसी को कर्मियों के मानदेय, ईपीएफ और ईएसआई भुगतान से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद एएमसी और ईई द्वारा क्रमवार राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लंबित भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
भुगतान का रिकॉर्ड भी रखना होगा
बैठक में सिर्फ भुगतान करने का निर्देश ही नहीं दिया गया, बल्कि पूरी प्रक्रिया के रिकॉर्ड और सत्यापन पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने एएमसी एवं ईई को एजेंसी को किए गए भुगतान का क्रमवार प्रमाण पत्र सिविल सर्जन को सौंपने का निर्देश दिया।
इसका उद्देश्य भुगतान की प्रक्रिया की निगरानी और उसके सत्यापन को सुनिश्चित करना है।
लोक संवाद में कर्मियों ने रखी थी अपनी परेशानी
दरअसल, मंगलवार को आयोजित ‘हम आपको सुनते हैं… (लोक संवाद)’ कार्यक्रम में यूएएएम कर्मियों ने उपायुक्त के सामने लंबित मानदेय का मुद्दा उठाया था। कर्मियों ने आवेदन देकर बकाया भुगतान कराने का अनुरोध किया।
मामला सामने आने के बाद उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी समीक्षा की और भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, एएमसी चास संजीव कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी फुसरो राजीव रंजन, जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाब चंद उरांव, वरीय लेखा पदाधिकारी पंकज दुबे और सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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