रांची, 8 सितंबर 2026। गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, रांची इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन एजुकेशन, झारखंड में सत्र 2026-28 के नवप्रवेशित प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन कम इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम्, दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की प्रार्थना के साथ हुआ।
कार्यक्रम में आचार्यकुल झारखंड के उपाध्यक्ष डॉ. वासुदेव प्रसाद, डॉ. अंजेश कुमार, डॉ. शीतल, मनोज, ममता एवं कल्याण सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
वरिष्ठ प्रशिक्षुओं ने नवागंतुकों का किया स्वागत
सत्र 2025-27 के प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने सत्र 2026-28 के नए प्रशिक्षु शिक्षकों का चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया। परविंद, देवाशीष, विनय, कुमार गौरव, सौरभ, सोमनाथ, प्रतीक, अमृत, हेमंत और बादल ने नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं का आत्मीय अभिनंदन किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ और नवागंतुक प्रशिक्षुओं के बीच अपनत्व, संस्कार और गुरु-शिष्य परंपरा की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रभारी डॉ. रमन कुमार झा ने की। वहीं डॉ. चंद्र मदय सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष प्रार्थना का नेतृत्व किया। डॉ. ओम प्रकाश ने इंडक्शन कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का परिचय कराया।
पाठ्यक्रम और परीक्षा से जुड़ी जानकारी दी
कार्यक्रम के दौरान श्री भागीरथ आर्य ने प्रशिक्षु शिक्षकों को पाठ्यक्रम की जानकारी दी, जबकि श्री पंकज कुमार मेहता ने परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया।
इसके अलावा डॉ. जाकिर हुसैन, धनंजय तिवारी, दुलाल चंद्र महतो, डॉ. समीर कुमार और राकेश कुमार यादव सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रशिक्षु शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संवाद और परिचर्चा के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद और परिचर्चा आयोजित की गई। इसके बाद आयोजन समिति की ओर से धन्यवाद ज्ञापन किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
महाविद्यालय परिवार ने नवप्रवेशित प्रशिक्षु शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक-प्रशिक्षण केवल पाठ्यक्रम पूरा करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक आदर्श शिक्षक के निर्माण की यात्रा है। सत्र 2026-28 के प्रशिक्षुओं के लिए यह कार्यक्रम उनके प्रशिक्षण जीवन की नई और प्रेरणादायी शुरुआत के रूप में यादगार रहा।


