चतरा: कोर्ट के आदेश पर मकान का कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम के सामने बुधवार को ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पूरे चतरा शहर को हिलाकर रख दिया। केशरी चौक पर कार्रवाई के दौरान अचानक एक महिला आग की लपटों में घिर गई। देखते ही देखते मौके पर चीख-पुकार मच गई। महिला को बचाने के लिए पुलिसकर्मी और उसका बेटा आग में कूद पड़े, लेकिन दोनों भी झुलस गए।
गंभीर रूप से झुलसी महिला को आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची रिम्स के बर्न वार्ड रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि महिला करीब 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस गई हैं।
मकान पर कब्जा दिलाने पहुंची थी प्रशासन की टीम
मामला केशरी चौक स्थित एक मकान से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय नरेश कसेरा के परिवार और प्रदीप गोस्वामी पक्ष के बीच इस मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद न्यायालय तक पहुंचा और कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को पुलिस-प्रशासन की टीम मकान पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई के लिए पहुंची थी।
प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही मौके पर मौजूद कसेरा परिवार और उनके समर्थकों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
परिवार की ओर से दावा किया जा रहा था कि वे करीब 100 वर्षों से इस मकान में रह रहे हैं। ऐसे में मकान खाली कराकर दूसरे पक्ष को कब्जा दिलाने की कार्रवाई का वे विरोध कर रहे थे।
विरोध के बीच अचानक पेट्रोल से भीगी महिला
इसी दौरान स्वर्गीय नरेश कसेरा की पत्नी रीना देवी ने कथित तौर पर अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़क लिया। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
लेकिन इसी बीच भीड़ के बीच किसी व्यक्ति द्वारा माचिस जलाए जाने के बाद अचानक आग भड़क उठी। पेट्रोल की वजह से आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और रीना देवी आग की लपटों से घिर गईं।
अचानक हुई इस घटना से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और महिला को बचाने के लिए पुलिसकर्मी आगे आए।
महिला को बचाने दौड़े ASI, बेटा भी आग की चपेट में
महिला को आग से बचाने के लिए ASI प्रवीण कुमार ने तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश की। इस दौरान उनका हाथ झुलस गया और उनकी वर्दी में भी आग लग गई।
इसी बीच महिला को बचाने की कोशिश में उनका बेटा धीरज कुमार भी आग की चपेट में आ गया। इस तरह कुछ ही पलों में मौके पर तीन लोग झुलस गए।
बाद में पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। तीनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
महिला 70-80 फीसदी झुलसी, रिम्स रेफर
सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने रीना देवी की स्थिति गंभीर बताई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला करीब 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस गई हैं।
प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स के बर्न वार्ड रेफर कर दिया गया। वहीं ASI प्रवीण कुमार और धीरज कुमार का भी सदर अस्पताल में इलाज कराया गया।
सबसे बड़ा सवाल- माचिस किसने जलाई?
इस पूरी घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पेट्रोल से भीगी महिला के पास आखिर माचिस किसने जलाई और आग कैसे भड़की?
घटना के दौरान मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे। ऐसे में पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में जुटी है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आग लगने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह घटना अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान पैदा हुई परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
संपत्ति विवाद के बीच बिगड़ी स्थिति
जिस मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, उसी को लेकर बुधवार को प्रशासनिक कार्रवाई की गई। कोर्ट के आदेश के बाद टीम कब्जा दिलाने पहुंची, लेकिन विरोध के बीच मामला अचानक बेहद गंभीर हो गया।
पेट्रोल छिड़कने और उसके बाद आग लगने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। केशरी चौक पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
सदर एसडीपीओ सुन्नी वर्धन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि आग लगने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसके पीछे कोई पूर्व साजिश थी।


