राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक निर्माणाधीन मकान में ढलाई का काम कर रहे मजदूर श्रीराम लोहरा की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतनी तेजी से हुआ कि मजदूर को संभलने तक का मौका नहीं मिला, और निर्माण स्थल पर देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद मकान मालिक और ठेकेदार, पुलिस कार्रवाई और लोगों के गुस्से के डर से मौके से फरार हो गए — एक ऐसा कदम, जिसने न सिर्फ पीड़ित परिवार को बल्कि पूरे इलाके को आक्रोशित कर दिया।
सुरक्षा की अनदेखी: हादसे की असली वजह
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के मुताबिक, निर्माणस्थल पर सुरक्षा के बुनियादी मानकों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया था। श्रीराम लोहरा मिक्सर मशीन या कंक्रीट वाइब्रेटर के पास काम कर रहे थे, तभी अचानक हाई वोल्टेज करंट उपकरण में आ गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कटे-फटे तारों के बीच, बिना दस्ताने या रबड़ के जूतों जैसे किसी सुरक्षा उपकरण के मजदूरों से काम करवाया जा रहा था। अगर बुनियादी सावधानियां बरती गई होतीं, तो शायद यह जान बचाई जा सकती थी।
यह घटना एक बार फिर निर्माण क्षेत्र में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही की पोल खोलती है — एक ऐसा मुद्दा, जो अक्सर तब तक सुर्खियों में नहीं आता, जब तक कोई जान न चली जाए।
गुस्साए परिजनों ने शव के साथ किया सड़क जाम
श्रीराम लोहरा अपने परिवार के लिए कमाई का इकलौता जरिया थे। उनकी असमय मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। मकान मालिक और ठेकेदार के फरार होने से आक्रोशित भीड़ ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया।
प्रदर्शनकारियों की मांग साफ थी — जब तक मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं मिलता और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, शव नहीं उठने दिया जाएगा। सड़क जाम के चलते इलाके में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई।
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद मामला शांत
बढ़ते जनआक्रोश और सड़क जाम की सूचना मिलते ही अरगोड़ा थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। शुरुआत में गुस्साई भीड़ को समझाना पुलिस के लिए आसान नहीं रहा — लोग लिखित मुआवजा गारंटी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
अंततः स्थानीय वार्ड पार्षद और थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि पीड़ित परिवार को सरकारी नियमों के अनुसार उचित मुआवजा दिलाया जाएगा, और फरार मकान मालिक व ठेकेदार को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी शिकंजे में लाया जाएगा।


