झारखंड में राशन कार्ड रखने वाले लाखों परिवारों के लिए एक अहम सूचना सामने आई है, जो खासतौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है जो लंबे समय से जनवितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों का रुख नहीं कर रहे। सरकार ने अब ऐसे कार्डधारकों की पहचान कर उन पर सख्ती दिखाने का फैसला किया है, जो अपने हिस्से का राशन उठाने में लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा, जिन्होंने राशन कार्ड तो बनवा रखा है, लेकिन महीनों से उसका इस्तेमाल ही नहीं किया।
सरकारी योजनाओं का मतलब क्या है ?
दरअसल, सरकारी योजनाओं का लाभ सही और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, इसके लिए खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग समय-समय पर व्यवस्था में सुधार करता रहा है। इसी कड़ी में अब विभाग ने पाया है कि राज्य में एक बड़ी संख्या ऐसे कार्डधारकों की है, जिन्होंने बीते छह महीने से एक बार भी राशन नहीं लिया है। ऐसे कार्डधारकों को अब ‘साइलेंट कार्डधारी’ के तौर पर चिन्हित किया गया है और उनके कार्ड को निष्क्रिय करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
विभाग ने कार्डधारकों आखिरी मौका भी दिया है
हालांकि, विभाग ने इन कार्डधारकों को पूरी तरह से मौका खोने से पहले एक आखिरी अवसर देने का फैसला किया है। यानी अगर इनमें से कोई भी लाभार्थी 21 सितंबर तक अपने हिस्से का अनाज उठा लेता है, तो उसका कार्ड आगे भी सामान्य रूप से चलता रहेगा। लेकिन जो इस तारीख तक राशन नहीं लेंगे, उनका कार्ड 1 अक्टूबर से अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया जाएगा, जिसके बाद उन्हें राशन मिलना बंद हो जाएगा।
सबसे बड़ी बात यह है कि कार्ड निष्क्रिय होने के बाद इसे दोबारा शुरू कराना आसान नहीं होगा। इसके लिए कार्डधारकों को ई-केवाईसी और फील्ड सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा, जिसके लिए सरकार ने तीन महीने की समयसीमा तय की है। ऐसे में जिन लोगों का राशन कार्ड बंद होने का खतरा है, उनके लिए बेहतर यही होगा कि वे तय तारीख से पहले अपना राशन जरूर उठा लें।
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