आयकर विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक असेसमेंट ईयर 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए 31 अगस्त 2026 तक रिकॉर्ड 7.8 करोड़ से ज्यादा इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की तय समयसीमा में भरे गए 7.3 करोड़ रिटर्न से काफी अधिक है। ऐसे में अब लाखों करदाताओं की नजर अपने रिफंड पर टिकी है, लेकिन कई लोगों को रिटर्न भरने के बावजूद अभी तक रिफंड नहीं मिल पाया है।
कितना समय लगता है रिफंड आने में?
आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल के अनुसार, ITR का ई-वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही रिटर्न की प्रोसेसिंग शुरू होती है। सामान्य तौर पर रिटर्न प्रोसेस होने और रिफंड की रकम बैंक खाते में क्रेडिट होने में 4 से 5 हफ्ते का समय लगता है। अगर इस अवधि में कोई सूचना नहीं मिलती, तो करदाताओं को अपना ऑनलाइन रिकॉर्ड जरूर चेक करना चाहिए।
इन वजहों से अटक सकता है रिफंड
विभाग की सूचना के बावजूद कई बार रिफंड खाते में नहीं पहुंचता। इसके पीछे कई तकनीकी और बैंकिंग कारण हो सकते हैं बैंक खाता प्री-वैलिडेट न होना, पैन और बैंक खाते के नाम या जन्मतिथि में अंतर, खाता निष्क्रिय या बंद होना, गलत IFSC कोड, पैन-आधार लिंक न होना, पुराने टैक्स बकाये से नए रिफंड का एडजस्टमेंट होना, और रिटर्न में दर्ज टीडीएस आंकड़ों तथा AIS या फॉर्म 26AS में मिसमैच होना।
ऐसे चेक करें रिफंड का स्टेटस
अगर तय समय पर रिटर्न दाखिल करने के बावजूद रिफंड नहीं आया है, तो सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल incometax.gov.in पर जाएं। इसके बाद ‘Login’ बटन पर क्लिक कर पैन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करें। लॉगिन के बाद ‘e-File’ मेन्यू में जाकर ‘Income Tax Returns’ और फिर ‘View Filed Returns’ विकल्प चुनें। इसके बाद स्क्रीन पर संबंधित असेसमेंट ईयर के सामने रिटर्न फाइलिंग, ई-वेरिफिकेशन, प्रोसेसिंग और रिफंड जारी होने का पूरा स्टेटस दिखाई देगा।
ऑडिट करदाताओं के लिए अलग डेडलाइन
जिन कारोबारियों के खातों का ऑडिट अनिवार्य है, उनके लिए ITR भरने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय है। ऐसे करदाताओं को भी रिटर्न वेरिफाई होने के 4 से 5 हफ्ते बाद ही रिफंड मिल सकेगा। विभाग का कहना है कि अगर समय पर रिटर्न भरा गया है, तो 1 अप्रैल से रिफंड जारी होने तक 0.5% प्रति माह की दर से ब्याज भी जोड़ा जाता है।


