चतरा/रांची: जमीन दखल-देहानी के दौरान पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की घटना में गंभीर रूप से झुलसी रीना देवी की आखिरकार मौत हो गई। रांची के देवकमल अस्पताल में कई दिनों से जिंदगी और मौत से जूझ रहीं रीना देवी ने मंगलवार शाम करीब 4 बजे दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
झारखंड डिजिटल की टीम ने इस पूरे मामले को शुरुआत से ही विस्तार से फॉलो किया था। अब इसी मामले में सामने आई यह बड़ी अपडेट आपके सामने है।
न्यायालय के आदेश पर पहुंची थी टीम, तभी हुआ था विवाद
घटना 2 सितंबर की है। शहर के केशरी चौक स्थित गौरक्षणी के सामने न्यायालय के आदेश पर जमीन की दखल-देहानी कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची थी।
बताया गया कि जमीन पर पहले से रह रहे लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की घटना हुई, जिसमें रीना देवी गंभीर रूप से झुलस गईं।
इस घटना में महिला को बचाने की कोशिश कर रहे उनके बेटे धीरज कुमार और सदर थाना के एएसआई प्रवीण कुमार भी झुलस गए थे।
सदर अस्पताल से रांची किया गया था रेफर
घटना के बाद रीना देवी को गंभीर हालत में सदर अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया।
इसके बाद उन्हें देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चला। परिवार को उम्मीद थी कि वह इस मुश्किल जंग से बाहर निकल आएंगी, लेकिन मंगलवार शाम उनकी मौत हो गई।
मामले में दर्ज है केस, पुलिस कर रही जांच
घटना को लेकर सदर थाना में मामला दर्ज कराया गया है। दखल-देहानी की कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद दंडाधिकारी सह हंटरगंज सीओ रितिक कुमार और मारवाड़ी मोहल्ला निवासी प्रदीप कुमार अग्रवाल ने अलग-अलग आवेदन देकर पुलिस से शिकायत की है।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जिस घटना ने मचा दी थी हलचल, अब उसमें हुई मौत
जमीन दखल-देहानी के दौरान हुई आगजनी की इस घटना में शुरुआत से ही कई सवाल खड़े हुए थे। घटना में एक महिला के गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची लाया गया था। अब इलाज के दौरान उनकी मौत ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
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