रांची, सितंबर 2026 — झारखंड की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के ऑनलाइन स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (UGC-DEB) से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। यह उपलब्धि राज्य में उच्च शिक्षा को घर-घर तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
एक साल में दूसरी बड़ी उपलब्धि
यह विश्वविद्यालय के लिए साल भर के भीतर दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले 2025 में उषा मार्टिन विश्वविद्यालय को NAAC से 3.17 CGPA के साथ ‘A’ ग्रेड मिला था — उस वक्त यह झारखंड के किसी भी विश्वविद्यालय को मिला सबसे ऊंचा स्कोर था। अब UGC-DEB की मान्यता के साथ विश्वविद्यालय ने अपनी साख को और पुख्ता कर लिया है।
किन्हें मिलेगा फायदा
UGC-DEB की मंजूरी उन विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं, नौकरी के साथ पढ़ाई करना चाहते हैं, या दूर-दराज इलाकों और विदेश में रहकर भी भारतीय डिग्री हासिल करना चाहते हैं। अब ये सभी बिना नियमित कक्षाओं में शामिल हुए अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
कौन-कौन से कोर्स हुए मंजूर
स्नातक स्तर पर BBA (ऑनर्स) और BCA (ऑनर्स) को मंजूरी मिली है — दोनों चार साल के प्रोग्राम हैं और इनमें Multiple Entry-Exit की सुविधा भी दी गई है, यानी बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थी बाद में फिर से जुड़ सकते हैं।
स्नातकोत्तर स्तर पर चार कोर्स स्वीकृत हुए हैं:
- MBA – Human Resource Management
- MBA – Finance Management
- MBA – Marketing Management
- MCA
ये सभी दो साल के कार्यक्रम हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया
कार्यवाहक कुलपति ब्रिगेडियर (डॉ.) सुमेर वीर सिंह ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा अब उच्च शिक्षा का अहम माध्यम बन चुकी है और यह मंजूरी विश्वविद्यालय को उन विद्यार्थियों तक पहुंचाने में मदद करेगी जो नियमित कक्षाओं का हिस्सा नहीं बन पाते। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का जिक्र करते हुए बताया कि भारत ने 2035 तक उच्च शिक्षा में 50 प्रतिशत Gross Enrolment Ratio (GER) हासिल करने का लक्ष्य रखा है, और विश्वविद्यालय इस लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
रजिस्ट्रार डॉ. शिव प्रताप वर्मा ने इसे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मानकों और व्यवस्थित प्रणाली का प्रमाण बताया, जबकि डीन एकेडमिक्स प्रो. बी. एन. सिन्हा ने कहा कि ये कोर्स उन विद्यार्थियों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं जो पढ़ाई के साथ पेशेवर जिम्मेदारियां भी निभा रहे हैं।
सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के निदेशक प्रो. अरविंद हंस ने जोड़ा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और बेहतर सीखने का अनुभव देना रहेगा।
दाखिले की तारीखें
सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 5 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है, और आवेदन की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर 2026 रखी गई है।


