कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों के लिए पीएफ एडवांस से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। नए प्रावधानों के तहत पात्र सदस्य शादी, बच्चों की पढ़ाई, बीमारी और मकान से जुड़ी जरूरतों के लिए अपने PF खाते से एडवांस राशि निकाल सकेंगे। EPFO की ओर से जारी गाइडलाइन में अलग-अलग जरूरतों के लिए निकासी की सीमा और संख्या की जानकारी दी गई है।
75 फीसदी तक PF एडवांस
नए नियमों के अनुसार, एक साल की EPF सदस्यता पूरी करने के बाद पात्र कर्मचारी एडवांस के लिए आवेदन कर सकते हैं। सदस्य अपने और नियोक्ता के योगदान तथा उस पर मिले ब्याज को मिलाकर कुल EPF बैलेंस का अधिकतम 75 प्रतिशत तक एडवांस निकाल सकते हैं। वहीं भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बची रहेगी।
बीमारी के लिए निकासी की कोई सीमा नहीं
खुद या परिवार के किसी सदस्य के इलाज के लिए PF एडवांस लेने पर निकासी की संख्या की कोई निश्चित सीमा नहीं रखी गई है। यानी जरूरत पड़ने पर पात्र सदस्य कई बार एडवांस के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पढ़ाई और शादी के लिए कितनी बार पैसा निकाल सकेंगे?
बच्चों की उच्च शिक्षा या पढ़ाई से जुड़े खर्च के लिए कर्मचारी पूरे सेवाकाल में अधिकतम 10 बार PF एडवांस ले सकते हैं। वहीं खुद, भाई-बहन या बच्चों की शादी के लिए अधिकतम 5 बार निकासी की अनुमति है।
मकान के लिए भी 5 बार निकासी
नया घर या फ्लैट खरीदने, जमीन लेने, मकान बनाने, होम लोन चुकाने या घर की मरम्मत जैसी आवासीय जरूरतों के लिए भी सदस्य अधिकतम 5 बार PF एडवांस निकाल सकते हैं।
डिजिटल प्रक्रिया और तेज भुगतान
EPFO ने एडवांस क्लेम की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया है। जानकारी के मुताबिक 5 लाख रुपये तक के बीमारी से जुड़े पात्र क्लेम ऑटो-सेटलमेंट के जरिए तेजी से निपटाए जा सकते हैं। हालांकि PF से पैसा निकालने से पहले सदस्य को अपनी पात्रता और लागू शर्तों की जांच कर लेनी चाहिए, ताकि रिटायरमेंट के लिए जमा राशि पर अनावश्यक असर न पड़े।
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