तेज बुखार अचानक बढ़ जाए तो परिवार के लोग अक्सर घबरा जाते हैं और तुरंत राहत के लिए कई तरह के घरेलू नुस्खे अपनाने लगते हैं। हालांकि बुखार के दौरान सही देखभाल करना बेहद जरूरी है। मरीज को आराम देने के साथ शरीर में पानी की कमी न होने देना और जरूरत पड़ने पर उचित चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे अहम है। कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर मरीज को राहत दी जा सकती है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाते रहें
बुखार के दौरान शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मरीज को थोड़े-थोड़े अंतराल पर पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थ देते रहना चाहिए। मरीज को पर्याप्त आराम दें। बहुत ज्यादा कपड़े या कंबल न लपेटें, क्योंकि इससे शरीर की गर्मी बढ़ सकती है। कमरे का तापमान आरामदायक रखें और हवा के आने-जाने की उचित व्यवस्था करें।
गुनगुने पानी से कर सकते हैं स्पंज
अगर बुखार के कारण मरीज असहज महसूस कर रहा है तो सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से शरीर को स्पंज किया जा सकता है। माथे पर साफ कपड़े को सामान्य या हल्के गुनगुने पानी में भिगोकर भी रखा जा सकता है। बहुत ठंडे पानी या बर्फ का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे कंपकंपी हो सकती है और परेशानी बढ़ सकती है। अगर मरीज को ठंड लग रही हो या कंपकंपी हो रही हो तो पट्टी न करें।
हल्का भोजन दें, दवा में बरतें सावधानी
मरीज का मन हो तो हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन दिया जा सकता है। जबरदस्ती खाना खिलाने की जरूरत नहीं है। बुखार की दवा देने से पहले उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और पहले से चल रही दवाओं का ध्यान रखना जरूरी है। दवा डॉक्टर की सलाह या लेबल पर दिए निर्देश के अनुसार ही लें।
इन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
अगर बुखार बहुत ज्यादा हो, लगातार बढ़ रहा हो या कई दिनों तक बना रहे तो डॉक्टर से सलाह लें। सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, भ्रम, बेहोशी, गर्दन में अकड़न, लगातार उल्टी, अत्यधिक कमजोरी या शरीर में पानी की कमी जैसे लक्षण गंभीर हो सकते हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में विशेष सावधानी जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक शुरू न करें।




