UPI से पेमेंट करने वालों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4% Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। हालांकि यह शुल्क सीधे ग्राहक से लेने के लिए नहीं है। सामान्य मर्चेंट ट्रांजेक्शन में इसकी अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है।

₹2,000 तक UPI पेमेंट रहेगा फ्री
केंद्र सरकार ने 14 सितंबर को स्पष्ट किया कि ₹2,000 तक के UPI ट्रांजेक्शन पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई शुल्क नहीं लगा सकते। यही व्यवस्था RuPay डेबिट कार्ड से किए जाने वाले भुगतान पर भी लागू है।
इसका मतलब है कि रोजमर्रा की छोटी खरीदारी, दुकानों पर किए जाने वाले सामान्य UPI पेमेंट और अन्य ₹2,000 तक के भुगतान पर यूजर को कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा।
₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर क्या बदलेगा?
नया MDR मुख्य रूप से Person-to-Merchant (P2M) यानी ग्राहक से दुकानदार या कारोबारी को किए जाने वाले बड़े UPI पेमेंट पर लागू होगा। रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य मर्चेंट ट्रांजेक्शन के लिए दर 0.4% और अधिकतम शुल्क ₹300 निर्धारित किया गया है। यानी ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजेक्शन पर भी अधिकतम MDR ₹300 तक सीमित रहेगा।
रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और ईंधन जैसी कुछ श्रेणियों के लिए अलग फ्लैट MDR व्यवस्था बताई गई है।
दोस्त या परिवार को पैसे भेजने पर नहीं लगेगा चार्ज
अगर आप UPI के जरिए किसी दोस्त, रिश्तेदार या दूसरे व्यक्ति को ₹5,000, ₹10,000 या इससे ज्यादा रकम भेजते हैं, तो इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा। Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांजेक्शन फ्री रहेगा। सरकार ने पहले भी स्पष्ट किया था कि ग्राहकों से UPI ट्रांजेक्शन फीस नहीं ली जाएगी।
UPI पर क्यों लाया गया MDR?
UPI नेटवर्क के विस्तार के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा, तकनीकी अपग्रेड और पेमेंट सिस्टम को बनाए रखने की लागत भी बढ़ रही है। सरकार ने कहा है कि भविष्य में यदि MDR लगाया जाता है तो यह सीमित मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर और मामूली दर पर होगा, जबकि अधिकांश UPI लेनदेन फ्री बने रहेंगे।
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर बड़े कारोबारी UPI पेमेंट पर पड़ेगा, जबकि छोटे और व्यक्तिगत लेनदेन को शुल्क से बाहर रखा गया है।




