रांची: बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फिलहाल राहत नहीं मिली है। शनिवार को रांची की विशेष PMLA कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने थे, लेकिन मुख्यमंत्री कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके वकील की ओर से बताया गया कि पूर्व निर्धारित व्यस्त कार्यक्रम के कारण वह अदालत में उपस्थित नहीं हो सके और अगली तारीख देने की मांग की गई।
मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सोमवार, 21 सितंबर को शाम 4 बजे तक अनिवार्य रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। उन्हें कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होना होगा।
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद आगे बढ़ी कार्रवाई
इस मामले में हेमंत सोरेन ने PMLA कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी गई थी। 8 जून 2026 को विशेष PMLA कोर्ट ने उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज की थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।
शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट ने भी PMLA कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग वाली उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद निचली अदालत में मामले की आगे की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया।
क्या है बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन का मामला?
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की जांच के मुताबिक, जमीन को फर्जी दस्तावेज और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर के जरिए हासिल करने की बात सामने आई है। ED ने इस पूरे मामले को मनी लॉन्ड्रिंग से भी जोड़ा है।
इसी मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला ट्रायल के दौरान होना है। विशेष PMLA कोर्ट ने जून में उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज करते हुए मामले को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ किया था।
अब सोमवार को होगी अगली सुनवाई
PMLA कोर्ट में इस मामले के कई अन्य आरोपियों और सह-आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं। हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज होने और हाईकोर्ट से भी कार्यवाही पर रोक नहीं मिलने के बाद अब उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
शनिवार को उनकी गैरहाजिरी के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 21 सितंबर तय की है और शाम 4 बजे तक पेश होने का निर्देश दिया है। अब सोमवार की सुनवाई में यह साफ होगा कि मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।
अब तक क्या हुआ?
- 2022-23: ED ने जमीन से जुड़े मामले की जांच शुरू की और दस्तावेजों की जांच के साथ जमीन को अटैच किया।
- जनवरी 2024: ED ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया।
- जून 2024: हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली।
- 8 जून 2026: विशेष PMLA कोर्ट ने हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी।
- 18 सितंबर 2026: झारखंड हाईकोर्ट ने PMLA कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
- 19 सितंबर 2026: PMLA कोर्ट में आरोप तय किए जाने थे, लेकिन हेमंत सोरेन पेश नहीं हुए।
- 21 सितंबर 2026: कोर्ट ने शाम 4 बजे तक हेमंत सोरेन को व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।
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