आखिरी लैप तक नहीं मानी हार, सीमा के कांस्य ने 16 साल पुराना इंतजार किया खत्म
नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। भारत की लंबी दूरी की धाविका सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकंड के समय के साथ रेस पूरी कर तीसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि के साथ ही महिलाओं की 10,000 मीटर स्पर्धा में भारत का 16 साल पुराना पदक इंतजार भी खत्म हो गया।

शुरुआत से अंत तक बना रहा रोमांच
महिलाओं की 10,000 मीटर फाइनल रेस में शुरुआत से ही शीर्ष स्थान के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला। लंबी दूरी की इस स्पर्धा में खिलाड़ियों के लिए केवल तेज दौड़ना ही चुनौती नहीं होती, बल्कि लंबे समय तक अपनी गति, ऊर्जा और लय को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
सीमा ने रेस के दौरान शीर्ष धाविकाओं के साथ अपना संपर्क बनाए रखा। मुकाबला जैसे-जैसे अंतिम चरण में पहुंचा, पदक की दौड़ और रोमांचक होती गई। सीमा ने दबाव के बीच अपनी गति बरकरार रखी और 32:50.05 के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया।
16 साल बाद भारत की वापसी
सीमा की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में भारत को एशियन गेम्स में पिछली बार 2010 में पदक मिला था। इसके बाद लंबे समय तक भारतीय महिला एथलीट इस स्पर्धा में पोडियम तक नहीं पहुंच सकीं।
2010 के एशियन गेम्स में प्रीजा श्रीधरन ने स्वर्ण और कविता राउत ने रजत पदक जीता था। अब 2026 में सीमा कुमारी ने कांस्य पदक जीतकर इस स्पर्धा में भारत की पदक परंपरा को फिर से आगे बढ़ाया है। यह एशियन गेम्स में महिलाओं की 10,000 मीटर स्पर्धा में भारत का तीसरा पदक है।
कांस्य पदक के साथ दर्ज हुआ सीमा का नाम
सीमा के लिए यह पदक उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है। 10,000 मीटर जैसी लंबी दूरी की रेस में लगातार प्रदर्शन बनाए रखना खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती होती है। इस स्पर्धा में धावकों को अपनी गति और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखते हुए अंतिम चरण में भी मजबूत प्रदर्शन करना पड़ता है।
सीमा ने फाइनल में इसी निरंतरता का प्रदर्शन किया और रेस के निर्णायक दौर में खुद को पदक की स्थिति में बनाए रखा। उनके कांस्य पदक ने भारतीय एथलेटिक्स के खाते में एक और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि जोड़ दी है।
पीएम मोदी ने दी सीमा को बधाई
सीमा कुमारी के पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में पीएम मोदी ने सीमा के प्रदर्शन पर खुशी जताई और उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने सीमा के प्रदर्शन को धैर्य, अनुशासन और वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सीमा के दृढ़ प्रदर्शन ने कई वर्षों बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया है। पीएम मोदी ने सीमा को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
भारतीय एथलेटिक्स के लिए क्यों खास है यह पदक?
10,000 मीटर की दौड़ में कांस्य पदक भारतीय एथलेटिक्स के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्पर्धा खिलाड़ियों की सहनशक्ति, रणनीति और निरंतर प्रदर्शन की कठिन परीक्षा लेती है। सीमा ने पूरे मुकाबले में खुद को पदक की दौड़ में बनाए रखा और अंत में तीसरे स्थान के साथ रेस खत्म की।
सीमा का यह कांस्य न केवल उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में भारत की 16 साल बाद पोडियम पर वापसी भी है। एशियन गेम्स 2026 में उनका यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए यादगार उपलब्धियों में दर्ज हो गया है।


