‘हमारा गांव, हमारे लोग’ अभियान के तहत प्रतिमाह होंगे चार ‘जल संवाद’
‘हम आपको सुनते हैं…’ कार्यक्रम में 35 मामलों की हुई सुनवाई
बोकारो जिला प्रशासन ने आमजनों की समस्याओं के पारदर्शी एवं त्वरित समाधान की दिशा में एक बड़ी पहल की है। जिला स्तर पर जन समस्याओं की सुनवाई के साथ-साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल एवं जलापूर्ति की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जमीनी स्तर पर सीधे संवाद की रणनीति तैयार की गई है।

उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने जिले में ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने और पेयजल से जुड़ी शिकायतों के अविलंब निष्पादन के लिए प्रतिमाह चार ‘जल संवाद’ आयोजित करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही, मंगलवार को आयोजित ‘हम आपको सुनते हैं…’ लोक संवाद कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने जिलेभर से आए आमजनों की समस्याओं को क्रमवार सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में नियमानुसार कार्रवाई का आदेश दिया।
जन समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध: डीसी
मंगलवार को आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को राहत पहुँचाना है।
“‘हम आपको सुनते हैं…’ लोक संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजनों को अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखने के लिए एक प्रभावी एवं सुलभ मंच उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन आमजनों की हर समस्या के पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संबंधित पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र व्यक्ति को अपने जायज काम या समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।”
कार्यक्रम के दौरान अंचल, भूमि अतिक्रमण, राजस्व, सीएसआर, और ग्रामीण विकास समेत विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 35 मामलों पर विस्तृत सुनवाई की गई। उपायुक्त ने प्रत्येक मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों से मौके पर ही वस्तुस्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि जिन मामलों में विभागीय स्तर पर जांच या अन्य प्रक्रिया आवश्यक है, उनमें समयबद्ध तरीके से नियमानुसार जांच पूरी की जाए। साथ ही, शिकायतकर्ताओं और आवेदकों को भी उनकी फाइल पर हुई कार्रवाई की अद्यतन स्थिति से अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए।
‘हमारा गांव, हमारे लोग’ अभियान: हर माह होंगे चार ‘जल संवाद’
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता, नियमित जलापूर्ति और पाइपलाइन लीकेज जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रशासन ने ‘हमारा गांव, हमारे लोग’ अभियान के तहत व्यापक रूपरेखा तैयार की है।
उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चास/तेनुघाट) सहित अन्य संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ग्रामीणों से सीधा संपर्क साधकर उनकी पानी से जुड़ी जरूरतों और समस्याओं का आकलन करें।
वरीय अधिकारियों की सीधी भागीदारी
प्रतिमाह आयोजित होने वाले चार ‘जल संवाद’ कार्यक्रमों में से दो संवाद जिले के शीर्ष अधिकारियों के स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।
उपायुक्त एवं डीडीसी का नेतृत्व: एक जल संवाद में स्वयं डीसी अजय नाथ झा और दूसरे में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्रीमती शताब्दी मजूमदार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर ग्रामीणों से बातचीत करेंगे।
जमीनी निरीक्षण पर जोर: इस पहल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था, पानी की जांच, लीकेज मरम्मत और नियमित रखरखाव की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लिया जाएगा।
हाल ही में इस अभियान के तहत उपायुक्त ने चास प्रखंड की कुमारदागा पंचायत स्थित रानीचिड़का गांव में जल संवाद कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं। वहीं, उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने जरीडीह प्रखंड की बांधडीह नॉर्थ ग्राम पंचायत के बांधडीह राजवाड़ीडीह टोला का निरीक्षण कर जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया था।
11वें ‘सुजल ग्राम संवाद’ में गोराबाली साउथ पंचायत ने साझा किए अनुभव
जल जीवन मिशन के तहत केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को आयोजित 11वें ‘सुजल ग्राम संवाद’ में जिले की गोराबाली साउथ पंचायत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता की।
इस उच्चस्तरीय वर्चुअल संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक के.के. मीणा ने की। कार्यक्रम के दौरान गोराबाली साउथ पंचायत के प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र में ‘हर घर जल’ योजना के सफल संचालन, नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण, लीकेज की रोकथाम तथा जलापूर्ति प्रणालियों के टिकाऊ रखरखाव से जुड़े अपने जमीनी अनुभवों को साझा किया।
लोक संवाद में वरीय अधिकारियों की रही उपस्थिति
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन के तमाम वरीय अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से:
उप विकास आयुक्त: श्रीमती शताब्दी मजूमदार
उप निदेशक (पीआरडी): श्री रवि कुमार
प्रभारी पदाधिकारी (जन शिकायत): श्रीमती हेमलता बून
अपर जिला दंडाधिकारी / एडीडीएस: सुचिता किरण
सहायक जनसंपर्क अधिकारी (एपीआरओ): अविनाश कुमार सिंह
जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी (डीडीएमओ): श्री शक्ति कुमार
बैठक के अंत में उपायुक्त ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देशित किया कि आम जनता से प्राप्त आवेदनों को लंबित रखने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए तथा सभी मामलों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए।
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