जमशेदपुर: सोनारी के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। गोलीकांड की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन वारदात को अंजाम देने वाले तीनों शूटर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने फरार तीनों शूटरों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
26 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे बाइक सवार तीन हेलमेटधारी हमलावर उडुपी रेस्टोरेंट में दाखिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने रेस्टोरेंट के अंदर करीब 11 से 12 राउंड फायरिंग की थी। अचानक हुई गोलीबारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना में चार लोग घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया था।
रेलवे ठेकेदारी और वर्चस्व की रंजिश का एंगल
पुलिस की जांच में गोलीकांड के पीछे रेलवे ठेकेदारी और आपसी वर्चस्व की रंजिश की बात सामने आई है। इसी आधार पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और चार कथित साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए उन तीनों शूटरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग की थी।
किसने दी सुपारी, किसने मुहैया कराए हथियार और बाइक?
जांच के दौरान पुलिस का फोकस अब गोलीकांड की पूरी कड़ी जोड़ने पर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की सुपारी किसने दी, शूटरों को हथियार और बाइक किसने उपलब्ध कराई और वारदात के बाद उन्हें किसने पनाह दी।
वारदात के बाद तीनों हमलावर हेलमेट पहनकर मौके से फरार हो गए थे। ऐसे में पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए शूटरों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है।
तीन शूटरों पर एक-एक लाख का इनाम
चार साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती तीनों शूटरों को पकड़ना है। पुलिस ने फरार तीनों शूटरों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अन्य सुरागों के आधार पर शूटरों की तलाश कर रही है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि इस पूरी वारदात की साजिश किस स्तर पर रची गई थी और फायरिंग को अंजाम देने वाले तीनों शूटरों तक पुलिस कब पहुंचती है।
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