रांची: झारखंड में लगातार बारिश के बीच रांची जिले के सिल्ली क्षेत्र से चेक डैम टूटने की खबर सामने आई है। खैरबेड़ा के पास रानी हारा चेक डैम का बांध पानी के दबाव के कारण टूट गया, जिसके बाद बड़ी मात्रा में पानी आसपास के खेतों में फैल गया। खेतों में पानी भरने से धान की खड़ी फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है।

यह चेक डैम गोंडाडीह पंचायत क्षेत्र में स्थित है। बांध टूटने के बाद पानी आसपास के गांवों की ओर भी पहुंचा। हालांकि, पुलिस के अनुसार घटना में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।
पानी के दबाव से टूटा बांध
स्थानीय निवासियों के अनुसार, रानी हारा और बमहनी पहाड़ी की तराई में यह चेक डैम बनाया गया है। पहाड़ी क्षेत्र से बारिश के दौरान बहकर आने वाला पानी यहां जमा होता है। ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण इस बार चेक डैम पानी से पूरी तरह भर गया था। पानी का दबाव बढ़ने के बाद अचानक बांध का एक हिस्सा टूट गया और तेज बहाव के साथ पानी खेतों की ओर जाने लगा।
स्थानीय लोगों का दावा है कि बांध का करीब 30 से 40 फीट हिस्सा बह गया। वहीं, सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार ने टूटे हिस्से की लंबाई करीब 20 फीट बताई है।
कई गांवों में पहुंचा पानी, खेत जलमग्न
चेक डैम टूटने के बाद पानी का असर आसपास के कई गांवों में देखने को मिला। ग्रामीणों के मुताबिक खैरबेड़ा, बाबनी, सातपालू, गोंडाडीह और रेगड़ीआम सहित आसपास के इलाकों में पानी पहुंचा। सबसे ज्यादा चिंता किसानों की फसल को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में अचानक पानी भरने से धान की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीणों ने करीब 1,000 एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित होने का दावा किया है। हालांकि, फसल नुकसान का यह आंकड़ा फिलहाल ग्रामीणों के दावे पर आधारित है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा सामने आना बाकी है।
चेक डैम में मौजूद मछलियां भी बह गईं
ग्रामीणों के अनुसार, चेक डैम में मछलियां भी थीं। बांध टूटने के बाद तेज बहाव के साथ मछलियों के बह जाने की बात कही जा रही है।
घटना की जानकारी आसपास के गांवों में तेजी से फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम
चेक डैम टूटने की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और पानी के बहाव की स्थिति को देखा।
सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि बमहनी क्षेत्र में बारिश के पानी को स्टोर करने के लिए चेक डैम बनाया गया था। पानी के अत्यधिक दबाव के कारण इसका एक हिस्सा टूट गया, जिसके बाद पानी खेतों की ओर बहने लगा।
किसानों ने की नुकसान के आकलन और मुआवजे की मांग
चेक डैम टूटने से प्रभावित किसानों की चिंता अब फसल को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि धान की फसल को हुए नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाना चाहिए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर नुकसान का आकलन जारी है। सर्वे पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने किसानों की कितनी जमीन और फसल प्रभावित हुई है।
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