झारखंड के रांची जिले स्थित पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (ओरमांझी/अनगड़ा) की 59 छात्राएं शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tour) के सिलसिले में देश की राजधानी नई दिल्ली गई हुई थीं। तय कार्यक्रम के अनुसार, इन छात्राओं और उनके साथ गए शिक्षक दल को 11 अक्टूबर को गरीब रथ एक्सप्रेस से दिल्ली से रांची के लिए रवाना होना था। लेकिन CJP प्रोटेस्ट के कारण रेल परिचालन बुरी तरह बाधित हो गया है और कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
ट्रेनें अचानक रद्द हो जाने की वजह से कक्षा 9वीं और 10वीं की ये सभी 59 छात्राएं अपने शिक्षकों के साथ दिल्ली में ही फंस गई हैं। इस खबर के सामने आते ही छात्राओं के अभिभावक और विद्यालय प्रशासन गहरे तनाव व चिंता में हैं।
शैक्षणिक भ्रमण पर गई थीं कक्षा 9वीं और 10वीं की बच्चियां
शिक्षा विभाग की योजना के तहत पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, ओरमांझी की कक्षा 9 और 10 की 59 बालिकाओं का चयन शैक्षणिक भ्रमण के लिए किया गया था। इस यात्रा का उद्देश्य छात्राओं को दिल्ली के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक धरोहरों—जैसे लाल किला, कुतुब मीनार, संसद भवन, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र और नेहरू तारामंडल—का भ्रमण कराना था।
छात्राओं का यह दल अत्यंत उत्साह के साथ दिल्ली पहुँचा था और उन्होंने अपने सभी शैक्षणिक पड़ाव सफलता एवं सुरक्षा के साथ पूरे भी कर लिए थे। योजना के मुताबिक, 11 अक्टूबर को गरीब रथ ट्रेन से उनकी वापसी तय थी। हालांकि, ऐन वक्त पर रेल सेवा बाधित होने के कारण उनकी वापसी पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
CJP प्रदर्शन और रेल सेवा पर असर
CJP (आंदोलनकारी संगठन) द्वारा किए जा रहे उग्र रेल रोको प्रदर्शन और आंदोलन के चलते कई रेल मंडलों में पटरियों को जाम कर दिया गया है। सुरक्षा एवं व्यवस्था के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने दिल्ली-झारखंड मार्ग की प्रमुख ट्रेनों को अचानक रद्द या डायवर्ट कर दिया है।
इसी क्रम में 11 अक्टूबर को दिल्ली से रांची जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस को भी रद्द कर दिया गया। अचानक ट्रेन रद्द होने की सूचना मिलते ही दिल्ली में मौजूद शिक्षक दल और रांची में बैठे विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। स्टेशन पर भारी भीड़ और अनिश्चितता के माहौल को देखते हुए छात्राओं को फिलहाल सुरक्षित स्थानों (उत्तर प्रदेश/दिल्ली स्थित ठहरने के केंद्रों या झारखंड भवन) में रोका गया है।
दिल्ली में स्थिति और सुरक्षा के इंतजाम
अचानक उत्पन्न हुई इस परिस्थिति को देखते हुए दिल्ली में मौजूद शिक्षिकाओं और नोडल अधिकारियों ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) को इसकी सूचना दी।
छात्राओं की सुरक्षा प्राथमिक प्राथमिकता: विद्यालय प्रशासन का कहना है कि सभी 59 छात्राएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उनके रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था की जा रही है।
मानसिक तनाव से बचाने की कोशिश: अचानक ट्रेन रद्द होने और घर लौटने में हो रही देरी के कारण बच्चियों में थोड़ी घबराहट देखी जा रही है, लेकिन साथ मौजूद शिक्षक लगातार उनका हौसला बढ़ा रहे हैं और उन्हें स्थिति सामान्य होने का आश्वासन दे रहे हैं।
अभिभावकों में बढ़ी चिंता, सरकार से मदद की गुहार
इधर रांची और ओरमांझी क्षेत्र में रह रहे छात्राओं के अभिभावकों को जैसे ही ट्रेन रद्द होने और बच्चियों के दिल्ली में फंसने की खबर मिली, उनकी चिंता बढ़ गई। अभिभावक लगातार विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों के संपर्क नंबर पर फोन कर अपनी बच्चियों का हाल-चाल ले रहे हैं।
अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सरकार से अपील
दिल्ली में फंसी सभी 59 छात्राओं की सुरक्षा और रहने-खाने का पुख्ता इंतजाम किया जाए।
यदि रेल मार्ग जल्द चालू नहीं होता है, तो छात्राओं की सुरक्षित वापसी के लिए वैकल्पिक विशेष बस सेवा या अन्य सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था की जाए।
राज्य सरकार और रेलवे प्रशासन का रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड सरकार का शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड़ पर आ गया है। अधिकारियों का कहना है कि वे दिल्ली स्थित झारखंड भवन और रेलवे अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पटरियों से आंदोलनकारियों को हटाने और मार्ग को सुरक्षित घोषित करने के प्रयास जारी हैं। जैसे ही स्थिति नियंत्रण में आएगी या कोई वैकल्पिक मार्ग सुलभ होगा, छात्राओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित रांची भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
आगे की राह
ग्रामीण क्षेत्रों की इन प्रतिभावान बालिकाओं के लिए यह शैक्षणिक भ्रमण बेहद उत्साहजनक था, लेकिन अचानक उपजे CJP आंदोलन और ट्रेन रद्द होने से यात्रा के अंत में यह संकट खड़ा हो गया है। फिलहाल सभी निगाहें रेलवे और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं ताकि कस्तूरबा गांधी विद्यालय की ये 59 छात्राएं जल्द से जल्द और सुरक्षित रूप से अपने घर लौट सकें।


