रांची: महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर राजधानी रांची में श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गौरव का अनूठा संगम देखने को मिला। अग्रवाल सभा, रांची की ओर से अग्रसेन भवन से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें अग्रवाल समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर महाराजा अग्रसेन के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक साज-सज्जा, ऐतिहासिक गाड़ियों और सजे हुए घोड़ों से सुसज्जित शोभायात्रा ने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया। पूरे मार्ग में महाराजा अग्रसेन के जयकारे गूंजते रहे और कई स्थानों पर आरती उतारकर तथा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
18 गोत्रों के साथ महाराजा अग्रसेन की सजीव झांकी ने मोहा मन
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण महाराजा अग्रसेन की मनमोहक सजीव झांकी रही। रंग-बिरंगे फूलों से सजाई गई झांकी में महाराजा अग्रसेन अपने 18 गोत्रों के साथ विराजमान थे। झांकी में छोटे-छोटे बच्चों की सहभागिता ने इसकी सुंदरता को और बढ़ा दिया। श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण इस दृश्य को देखने के लिए लोगों में खास उत्साह नजर आया।
झांकी के माध्यम से समाज की ऐतिहासिक विरासत और महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। शोभायात्रा में शामिल लोगों के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
पारंपरिक वेशभूषा ने बढ़ाई शोभायात्रा की भव्यता
शोभायात्रा में अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने पारंपरिक कुर्ता-पायजामा के साथ साफा धारण किया। वहीं, समाज की महिलाएं लाल रंग की पारंपरिक साड़ियों में शामिल हुईं। पारंपरिक वेशभूषा में तलवार धारण किए पुरुषों और सजे हुए घोड़ों ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
इस बार शोभायात्रा में ब्रिटिश काल की पांच ऐतिहासिक गाड़ियों को भी विशेष रूप से शामिल किया गया था। इन गाड़ियों में अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्षों को सम्मानपूर्वक बैठाया गया। ऐतिहासिक गाड़ियों की मौजूदगी ने शोभायात्रा की भव्यता में चार चांद लगा दिए और लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी शोभायात्रा
अग्रसेन भवन से शुरू हुई शोभायात्रा बंसीधर अडुकिया रोड, बड़ा लाल स्ट्रीट, साबू रिक्शा, कोतवाली थाना, शहीद चौक, कुंजलाल स्ट्रीट, गांधी चौक, मारवाड़ी टोला, नॉर्थ मार्केट रोड, ईस्ट मार्केट रोड, चुरूवाला और कोर्ट सराय रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसके बाद शोभायात्रा पुनः अग्रसेन भवन पहुंचकर संपन्न हुई।
रास्ते में विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए। कई स्थानों पर महाराजा अग्रसेन की आरती उतारी गई और पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरे मार्ग पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
अग्रवाल युवा सभा के सहयोग से हुआ आयोजन
अग्रवाल युवा सभा के सफल संचालन और सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के युवाओं की सक्रिय भूमिका दिखाई दी। शोभायात्रा में अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्षों, वर्तमान पदाधिकारियों, सदस्यों, महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए। समाज के सभी वर्गों की भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया।
महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को अपनाने का संदेश
महाराजा अग्रसेन ने समाज को समानता, सहयोग, सेवा, अहिंसा और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी समाज को एकजुट होकर जनकल्याण के कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
अग्रसेन जयंती पर निकली इस भव्य शोभायात्रा ने रांची में सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकता की झलक पेश की। आयोजन के जरिए महाराजा अग्रसेन की विरासत को याद करने के साथ उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संदेश भी दिया गया।


