रांची: रांची के चंदवे स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल के छात्रावास में 11 साल के बच्चे के साथ यौन अपराध की झारखंड डिजिटल की रिपोर्ट के बाद अब मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। जिस घटना को लेकर बच्चे की सुरक्षा और न्याय को लेकर सवाल उठ रहे थे, उस मामले में अब झालसा और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम सक्रिय हो गई है।
झारखंड डिजिटल ने अपनी रिपोर्ट के जरिए स्कूल परिसर के भीतर बच्चे के साथ हुई घटना को सामने रखा था। रिपोर्ट सामने आने के बाद झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने झालसा की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना को आवश्यक जांच कराने और पीड़ित बच्चे को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
मामला 21 सितंबर की रात का बताया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्चे के पिता ने संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची ने मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू की।
DLSA की टीम पिठोरिया थाना पहुंची और मामले की जानकारी ली। टीम ने बच्चे के पिता से बातचीत कर घटना और बच्चे की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की।
अब इलाज और काउंसलिंग से लेकर कानूनी मदद तक
हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद पीड़ित बच्चे की चिकित्सा और काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली गई है।
इसके अलावा पीड़ित परिवार को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा दिलाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
DLSA सचिव ने मामले के अनुसंधानकर्ता से संपर्क कर जांच की प्रगति की जानकारी भी ली है।
अब हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद बच्चे को चिकित्सा, काउंसलिंग और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मामले से जुड़े तथ्यों और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर झालसा को सौंपी जाएगी।
झारखंड डिजिटल की रिपोर्ट के बाद मामले में हाईकोर्ट का संज्ञान और बच्चे को मिल रही तत्काल सहायता इस बात को सामने लाती है कि ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चे की सुरक्षा और न्याय की प्रक्रिया को कितनी गंभीरता से आगे बढ़ाने की जरूरत है।
