राजधानी रांची में मंगलवार देर शाम JSSC-CGL में सफल अभ्यर्थियों ने झारखंड मंत्रालय से लेकर बिरसा चौक तक शांतिपूर्ण फ्लैशलाइट मार्च निकाला। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी हाथों में मोबाइल की टॉर्च जलाकर सड़क पर उतरे और सरकार के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और TDPL द्वारा संचालित अन्य परीक्षाओं के परिणामों को भी अमान्य घोषित किए जाने की घोषणा के बाद सफल अभ्यर्थियों में आक्रोश है। फैसला सामने आने के बाद से ही ये अभ्यर्थी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कल देर शाम से लगातार हो रही बारिश के बावजूद अभ्यर्थी आंदोलन पर डटे रहे।
प्रदर्शन कर रहे सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि बिना उनका पक्ष सुने ही नौकरी रद्द करने का फरमान जारी कर दिया गया। उनका सवाल है कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाए, लेकिन मेहनत से परीक्षा पास करने वाले सभी अभ्यर्थियों को इसकी सजा क्यों दी जा रही है?
इसी मांग को लेकर मंगलवार को अभ्यर्थियों ने झारखंड मंत्रालय से बिरसा चौक तक शांतिपूर्ण फ्लैशलाइट मार्च निकाला। इस दौरान “न्याय दो या फांसी दो” जैसे नारे भी सुनाई दिए।
एक तरफ पिछले कई दिनों से परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को सरकार के फैसले से राहत मिली है, तो दूसरी तरफ JSSC-CGL में सफल अभ्यर्थियों के बीच इस फैसले के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है।
अब झारखंड में परीक्षा रद्द होने के बाद दो अलग-अलग पक्षों की आवाजें सामने हैं-एक तरफ परीक्षा की निष्पक्षता और जांच की मांग, तो दूसरी तरफ सफल अभ्यर्थियों का सवाल है कि दोषियों की सजा उन्हें क्यों मिले?
फिलहाल सफल अभ्यर्थी अपने भविष्य को लेकर सरकार से न्याय और स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं।
इसे भी पढ़े – भूसुर पुल पर बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, पानी के बीच से गुजर रहे लोग; स्थायी समाधान की मांग तेज
