करीब 447 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना पर काम जारी, नए साउथ टर्मिनल में वेटिंग एरिया, डॉरमेट्री, फूड प्लाजा और पार्किंग की व्यवस्था; प्लेटफॉर्म-6 शुरू करने का भी लक्ष्य
झारखंड की राजधानी का रांची रेलवे स्टेशन आने वाले समय में बिल्कुल नए रूप में नजर आ सकता है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। योजना के तहत स्टेशन को आधुनिक रूप देने के साथ प्रवेश-निकास, पार्किंग, बैठने की व्यवस्था और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में स्टेशन के दक्षिणी छोर पर बन रहे नए साउथ टर्मिनल को दिसंबर 2026 तक यात्रियों के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
8 अक्टूबर को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने रांची स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया था। इसके बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, साउथ गेट का काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, रेलवे अधिकारियों ने टिकट काउंटर और ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों जैसी सुविधाओं को भी बढ़ाने की जानकारी दी है।
लेकिन सवाल है कि एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का दावा कितना सही है और यात्रियों को वास्तव में क्या-क्या मिलेगा? आइए, विस्तार से समझते हैं।
1. करीब 447 करोड़ रुपये से बदल रही स्टेशन की तस्वीर
रांची रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की परियोजना पर लगभग 447 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके तहत स्टेशन के उत्तर और दक्षिण, दोनों हिस्सों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है। नए भवनों, यात्री सुविधाओं और दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस परियोजना का उद्देश्य सिर्फ स्टेशन की सुंदरता बढ़ाना नहीं, बल्कि यात्रियों की भीड़ को बेहतर तरीके से संभालना और स्टेशन तक पहुंचने तथा वहां से बाहर निकलने की प्रक्रिया को आसान बनाना भी है।
2. साउथ टर्मिनल में क्या-क्या मिलेगा?
नए साउथ टर्मिनल में यात्रियों के लिए कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इनमें प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:
- बड़ा वेटिंग एरिया: नए टर्मिनल में करीब 1,000 यात्रियों के बैठने की क्षमता वाला प्रतीक्षालय बनाने की जानकारी दी गई है।
- डॉरमेट्री: महिला और पुरुष यात्रियों के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री बनाने की योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 100 बेड की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- फूड प्लाजा और कैफेटेरिया: ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को खाने-पीने की सुविधा मिलेगी।
- महिलाओं के लिए फीडिंग एरिया: छोटे बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए अलग स्थान विकसित किया जा रहा है।
- बच्चों के लिए प्ले एरिया: बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को सुविधा देने के लिए खेलने का क्षेत्र तैयार किया जा रहा है।
- बेहतर शौचालय और बैठने की व्यवस्था: यात्रियों की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
- बढ़ी हुई पार्किंग: नए टर्मिनल के साथ 500 से अधिक वाहनों की पार्किंग क्षमता होने की जानकारी एक स्थानीय रिपोर्ट में दी गई
इन सुविधाओं के शुरू होने से खासकर उन यात्रियों को राहत मिल सकती है, जिन्हें ट्रेन आने से पहले लंबे समय तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है।
3. मुख्य गेट की भीड़ होगी कम?
रांची स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही के दौरान मुख्य प्रवेश द्वार पर दबाव कम करना भी पुनर्विकास का अहम उद्देश्य है। साउथ गेट खुलने के बाद हटिया और आसपास के दक्षिणी इलाकों से आने वाले यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने के लिए मुख्य गेट की ओर घूमकर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
रेलवे अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में मुख्य गेट पर यात्रियों का दबाव लगभग 50 प्रतिशत तक घटने की संभावना जताई गई है। हालांकि, यह अनुमान है; वास्तविक राहत यात्रियों की आवाजाही और नए टर्मिनल के इस्तेमाल पर निर्भर करेगी।
4. टिकट के लिए लंबी कतार से मिलेगी राहत
टिकट बुकिंग की सुविधा बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। 8 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, साउथ गेट पर दो टिकट बुकिंग काउंटर शुरू करने और चार से पांच ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) लगाने की योजना बताई गई थी। मोबाइल टिकट सहायक की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है।
इन मशीनों से यात्रियों को निर्धारित प्रकार के टिकट लेने में आसानी हो सकती है। इससे सामान्य टिकट काउंटरों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। हालांकि, मशीनों की वास्तविक उपलब्धता और संचालन शुरू होने की पुष्टि जरूरी होगी।
5. लिफ्ट, एस्केलेटर और प्लेटफॉर्म-6 से बढ़ेगी सुविधा
स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इनसे बुजुर्गों, दिव्यांग यात्रियों, छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को फायदा मिल सकता है।
9 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म संख्या-6 को दिसंबर में परिचालन के लिए शुरू करने की उम्मीद जताई गई थी। प्लेटफॉर्म पर एस्केलेटर का काम पूरा होने की भी जानकारी दी गई। हालांकि, यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म के पूरी तरह चालू होने की अंतिम पुष्टि रेलवे की ओर से ही होगी।
6. क्या स्टेशन पर मॉल और ब्रांडेड दुकानें भी खुलेंगी?
नए स्टेशन भवन में यात्रियों की सुविधा के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जगह विकसित करने की योजना है। सितंबर में प्रकाशित एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, जी-प्लस-2 भवन की दूसरी मंजिल पर आधुनिक व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किया जाना है, जहां ब्रांडेड मल्टी-ब्रांड आउटलेट खोले जाने की योजना बताई गई थी।
इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा स्टेशन मॉल बन जाएगा। व्यावसायिक क्षेत्र स्टेशन की यात्री सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। दुकानें कब खुलेंगी और कौन-से ब्रांड आएंगे, इसकी अंतिम जानकारी उपलब्ध होने पर ही स्पष्ट होगी।
7. क्या पहले से भी मिल रही हैं कुछ आधुनिक सुविधाएं?
रांची रेल मंडल में कुछ सुविधाएं पहले से शुरू की जा चुकी हैं। जनवरी 2026 में प्रकाशित रेलवे संबंधी रिपोर्ट के मुताबिक, रांची स्टेशन पर डिजिटल लगेज लॉकर की सुविधा जुलाई 2025 से उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल यात्री अपने सामान को सुरक्षित रखने के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रमुख स्टेशनों पर टिकट सुविधा बेहतर करने के लिए ATVM फैसिलिटेटर नियुक्त किए गए थे। <Cite refs={[“turn978463search4”]}/>
इसलिए स्टेशन की सभी सुविधाओं को भविष्य की योजना मानना सही नहीं होगा। कुछ व्यवस्थाएं पहले से उपलब्ध हैं, जबकि साउथ टर्मिनल, प्लेटफॉर्म-6 और अन्य निर्माण कार्यों के लिए यात्रियों को अभी इंतजार करना पड़ सकता है।
8. यात्रियों को कब तक मिलेगी पूरी सुविधा?
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण समयसीमा दिसंबर 2026 है। 8 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट में साउथ गेट को दिसंबर तक तैयार करने का लक्ष्य बताया गया था। दूसरी ओर, स्टेशन के उत्तर वाले हिस्से का पुनर्विकास भी योजना का हिस्सा है। साउथ टर्मिनल शुरू होने के बाद उत्तर की ओर के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि निर्माण पूरा करने का लक्ष्य और यात्रियों के लिए सुविधा शुरू होने की तारीख अलग-अलग हो सकती है। पहले भी स्टेशन के पुनर्विकास की समयसीमा में बदलाव की खबरें सामने आ चुकी हैं। इसलिए दिसंबर को फिलहाल घोषित लक्ष्य के रूप में ही देखना चाहिए, न कि पूरी परियोजना के निश्चित रूप से पूरा होने की तारीख के तौर पर।
एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, लेकिन असली परीक्षा इस्तेमाल शुरू होने के बाद
रांची रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने की योजना में बड़े प्रतीक्षालय, डॉरमेट्री, फूड प्लाजा, बेहतर पार्किंग, टिकटिंग सुविधाएं और यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने वाली व्यवस्थाएं शामिल हैं। यदि इन सुविधाओं को तय मानकों के अनुरूप शुरू किया जाता है, तो यात्रियों को स्टेशन पर इंतजार करने से लेकर ट्रेन तक पहुंचने में राहत मिल सकती है।
हालांकि, किसी स्टेशन को वास्तव में सुविधाजनक बनाने के लिए केवल आधुनिक भवन काफी नहीं होता। साफ-सफाई, सुविधाओं का नियमित संचालन, पार्किंग प्रबंधन, सुरक्षा और समय पर रखरखाव भी उतने ही जरूरी हैं।
अब यात्रियों की नजर इस बात पर है कि साउथ टर्मिनल और प्लेटफॉर्म-6 कब पूरी तरह चालू होते हैं और घोषित सुविधाएं जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं।
