धनबाद/ रांची: झारखण्ड के धनबाद जिले से नकली सिगरेट के कारोबार का खुलासा हुआ है। बरवाअड्डा पुलिस ने सोमवार को किसान चौक के समीप छापेमारी कर 6,686 पैकेट नकली सिगरेट जब्त किए हैं। जब्त किये गए सिगरेट की कीमत करीब चार लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से बगुला बस्ती निवासी नंदन बरनवाल को गिरफ्तार किया है। यह छापेमारी अवनेश आईपीआर सर्विस कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर योगेश तोमर की शिकायत पर की गई. यह कंपनी मुख्य रूप से नकली उत्पादों (Counterfeit products), ब्रांड उल्लंघन और अवैध विनिर्माण इकाइयों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए जानी जाती है।
प्राम्भिक पूछताछ में पुलिस को पता चला कि इन सिगरेटों की सप्लाई ग्रामीण इलाकों की छोटी-छोटी दुकानों में की जा रही थी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि नकली सिगरेट कहां तैयार की जा रही थी और इसे धनबाद तक कौन पहुंचा रहा था. गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की जांच खत्म होने बाद ही सारे पहलुओ पर प्रकाश आएगी।
इससे पहले भी सामने आ चुका है नकली सिगरेट का मामला
इससे पहले झारखण्ड के हजारीबाग में सितम्बर 2026 में चौपारण के जीटी रोड पर स्थित वर्णवाल स्टोर में पुलिस ने छापा मारा था। इस कार्रवाई में 790 पैकेट नकली सिगरेट बरामद की गई. बरामद सिगरेट के पैकेट पर गोल्ड फ्लैग कंपनी का नकली लेबल लगा हुआ है. अगर बात इससे पहले की करें तो जुलाई 2026 में भी जमशेदपुर में इसी तरह का मामला सामने आया था जहां जमशेदपुर पुलिस ने लगभग ₹39 लाख मूल्य के 45,600 पैकेट बरामद किए थे और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन कथित संचालकों की तलाश की जा रही थी।
नकली सिगरेट की पहचान कैसे करें? इन संकेतों पर दें ध्यान
वैसे तो नकली और असली सिगरेट की पहचान करने की कोई मानक विधि नहीं है पर अक्सर नकली सिगरेट की पहचान करने के लिए इन संकेतो पर ध्यान दिया जा सकता है :
1. पैकेट पर छपी जानकारी जांचें: सिगरेट के पैकेट पर निर्माता या आयातक का नाम-पता, अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) और लागू वैधानिक स्वास्थ्य चेतावनी जैसी जानकारियां देखें। यदि जरूरी विवरण गायब हों, छपाई में स्पष्ट गलतियां हों या जानकारी संदिग्ध लगे, तो उत्पाद की प्रामाणिकता पर सवाल उठ सकता है।
2. सील और पैकिंग पर गौर करें: पैकेट की सील टूटी हुई हो, पैकिंग दोबारा चिपकाई गई लगे या लोगो और रंगों की छपाई सामान्य से अलग दिखाई दे, तो सावधानी बरतें। हालांकि, खराब पैकिंग अपने आप में नकली होने का पक्का सबूत नहीं है।
3. कीमत में असामान्य अंतर पर ध्यान दें: यदि कोई दुकानदार सिगरेट को सामान्य कीमत से काफी कम पर बेच रहा है, तो इसकी वजह पूछें और उत्पाद की प्रामाणिकता की जांच करें। कम कीमत अकेले नकली होने का प्रमाण नहीं है।
4. स्वाद और गंध से पहचानने का दावा न करें: तंबाकू का रंग, गंध, स्वाद या सिगरेट के जलने का तरीका देखकर यह पक्का नहीं किया जा सकता कि उत्पाद असली है या नकली। नकली सिगरेट की पैकिंग और बनावट भी असली जैसी हो सकती है।
5. ब्रांड से कराएं पुष्टि: यदि पैकेट पर संदेह हो, तो उस पर लिखे ब्रांड की आधिकारिक ग्राहक सेवा या अधिकृत प्रतिनिधि से जानकारी सत्यापित कराएं। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की जांच या प्रयोगशाला परीक्षण से उत्पाद की वास्तविकता की पुष्टि की जा सकती है।
अगर यदि किसी सिगरेट के पैकेट पर संदेह हो, तो उसका सेवन न करें साथ ही संदिग्ध उत्पाद की शिकायत स्थानीय पुलिस या संबंधित नियामक विभाग से की जा सकती है।
नोट : धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक और नुकसानदेह है।


