सिमडेगा, 10 अक्टूबर 2026: जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग का शनिवार को उनके गृह जिले सिमडेगा में भव्य स्वागत किया गया। तीनों अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के आगमन पर जिले में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। जिला प्रशासन, हॉकी सिमडेगा, हॉकी झारखंड, प्रशिक्षकों, विद्यालय परिवारों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम के समीप आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और अपनी इन बेटियों की ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जताई।
44 साल बाद स्वर्ण, झारखंड की बेटियों ने बढ़ाया मान
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस सफलता में झारखंड की चार खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनमें तीन खिलाड़ी सिमडेगा जिले की हैं। टीम की कप्तान सलीमा टेटे के साथ ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग ने अपने प्रदर्शन से देश और राज्य का मान बढ़ाया।
तीनों खिलाड़ियों की सफलता ने सिमडेगा की समृद्ध हॉकी परंपरा को एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए यह उपलब्धि खास प्रेरणा बनी हुई है।
हॉकी स्टिक से सलामी, पारंपरिक तरीके से हुआ अभिनंदन
स्वागत समारोह में पहुंचते ही तीनों खिलाड़ियों का नन्हे-मुन्ने हॉकी खिलाड़ियों और प्रशिक्षुओं ने हॉकी स्टिक से सलामी देकर अभिनंदन किया। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। पुष्प अर्पित कर और तिलक लगाकर खिलाड़ियों के प्रति सम्मान प्रकट किया गया।
अपने बीच देश की स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को देखकर युवा हॉकी खिलाड़ियों में खास उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम में प्रशिक्षक, खेल अधिकारी, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, परिजन और खेल प्रेमी भी मौजूद रहे।
उपायुक्त कंचन सिंह ने शॉल और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त कंचन सिंह ने सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग को शॉल ओढ़ाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। खिलाड़ियों के अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया।
अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, अनुमंडल पदाधिकारी सुमंत तिर्की, नजारत उप समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक और जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार ने भी खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कॉनबेगी ने पौधे भेंट किए, जबकि हॉकी सिमडेगा और संबंधित विद्यालय परिवारों की ओर से भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
उपायुक्त बोलीं—सिमडेगा की बेटियां पूरे जिले का गौरव
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग की उपलब्धि पूरे सिमडेगा जिले के लिए गर्व का विषय है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीतना उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने सिमडेगा को विशिष्ट पहचान दिलाई है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्रों की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखती हैं। उपायुक्त ने अभिभावकों, प्रशिक्षकों और विद्यालयों के योगदान की सराहना करते हुए युवा खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की अपील की।
सलीमा टेटे ने कहा—मेहनत और विश्वास से हासिल करें मुकाम
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने अपने गृह जिले में मिले सम्मान के लिए जिला प्रशासन, हॉकी संगठनों, प्रशिक्षकों, शिक्षकों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि सिमडेगा की धरती ने उन्हें हॉकी खेलने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। यहां के प्रशिक्षकों और परिवार के सहयोग से ही वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकीं।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों को संदेश दिया कि सफलता के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और अपने सपनों पर विश्वास जरूरी है। सिमडेगा में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और यहां की बेटियां भी मेहनत के बल पर भारतीय टीम में जगह बनाकर देश के लिए पदक जीत सकती हैं।
संघर्ष की कहानी से युवा खिलाड़ियों को मिली प्रेरणा
समारोह के दौरान तीनों खिलाड़ियों ने अपने हॉकी सफर और एशियन गेम्स के अनुभव साझा किए। उन्होंने शुरुआती प्रशिक्षण से लेकर भारतीय टीम तक पहुंचने के सफर में प्रशिक्षकों, विद्यालयों, अभिभावकों और हॉकी संगठनों के योगदान को याद किया।
हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कॉनबेगी ने कहा कि यह सफलता केवल तीन खिलाड़ियों की उपलब्धि नहीं, बल्कि सिमडेगा की हॉकी परंपरा, प्रशिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के त्याग का परिणाम है। उन्होंने जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने वाले सभी लोगों की सराहना की।
इस दौरान कप्तान सलीमा टेटे ने उपायुक्त कंचन सिंह को भारतीय महिला हॉकी टीम की जर्सी भी भेंट की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
तीनों स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों का यह सम्मान समारोह सिमडेगा की हॉकी विरासत और ग्रामीण प्रतिभाओं की क्षमता का प्रतीक बना। उनकी उपलब्धि ने जिले के युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह भरते हुए यह संदेश दिया कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।
