जमशेदपुर: दलमा और आसपास के जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है। एक तरफ पुलिस और कोबरा बटालियन के जवान जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, तो दूसरी तरफ नक्सलियों के खिलाफ सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए ग्रामीण इलाकों में वांटेड नक्सलियों के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश बंगाल भाग चुका है, इसके बावजूद पुलिस ने उसकी पहचान और उस पर घोषित इनाम की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए पोस्टर लगाने का अभियान जारी रखा है।
पुलिस की ओर से असीम मंडल समेत छह वांटेड नक्सलियों के पोस्टर जारी किए गए हैं। पोस्टरों में नक्सलियों की तस्वीर, नाम और उन पर घोषित इनाम की राशि दी गई है। पटमदा, बोड़ाम, घाटशिला और दलमा से सटे गांवों में इन पोस्टरों को सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जा रहा है।
असीम मंडल पर सबसे बड़ा इनाम
वांटेड नक्सलियों की सूची में सबसे बड़ा नाम असीम मंडल उर्फ आकाश का है। उसके बारे में बताया गया है कि वह बंगाल भाग चुका है। बावजूद इसके पुलिस उसकी पहचान को ग्रामीणों तक पहुंचाने और उसके बारे में किसी भी तरह की जानकारी जुटाने में लगी है।
छह वांटेड नक्सलियों पर घोषित इनाम इस प्रकार है-
- असीम मंडल उर्फ आकाश – 1 करोड़ रुपये
- राम प्रसाद उर्फ सचिन – 15 लाख रुपये
- मीता – 10 लाख रुपये
- मंगल सिंह सरदार – 5 लाख रुपये
- मालती मुर्मू – 2 लाख रुपये
- बुलू महतो – 1 लाख रुपये
गांवों में पोस्टर, ग्रामीणों से सूचना की अपील
पुलिस ग्रामीणों से अपील कर रही है कि अगर इन वांटेड नक्सलियों की आवाजाही, ठिकाने या किसी संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सटीक और उपयोगी जानकारी देने वाले को घोषित इनाम भी दिया जाएगा।
जंगल में कोबरा की तलाश, गांव में पुलिस का सूचना तंत्र
दलमा के जंगलों में पुलिस और कोबरा बटालियन के जवान लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। दुर्गम और घने जंगलों में संभावित नक्सली ठिकानों और संदिग्ध गतिविधियों की तलाश की जा रही है।
वहीं, गांवों में लगाए जा रहे पोस्टरों के जरिए पुलिस नक्सलियों के चेहरों और उनकी पहचान को ग्रामीणों तक पहुंचा रही है। यानी जंगल में सुरक्षा बलों की तलाशी और गांवों में मजबूत होता सूचना तंत्र – दोनों स्तरों पर नक्सलियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
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