Wednesday, September 23

धनबाद: धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग NH-32 पर केन्दुआडीह थाना के समीप करीब चार महीने पहले हुए भू-धसान के बाद अब प्रभावित स्थल पर काम शुरू हो गया है। शुक्रवार सुबह BCCL और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर खुदाई की प्रक्रिया शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था के लिए CISF और स्थानीय पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है।

भू-धसान के बाद लंबे समय से सड़क की स्थिति को लेकर बनी समस्या के बीच काम शुरू होने से स्थानीय लोगों में राहत है। हालांकि, खुदाई के दौरान जमीन के नीचे मौजूद कोयले को निकालने की संभावना को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि कोयला निकालने का काम आबादी वाले क्षेत्र तक बढ़ता है तो भविष्य में विस्थापन की स्थिति पैदा हो सकती है।

सड़क काटकर जमीन के नीचे की स्थिति का जायजा

शुक्रवार सुबह BCCL की टीम ने JCB और अन्य मशीनों की मदद से भू-धसान प्रभावित सड़क के हिस्से की खुदाई शुरू की। इस दौरान BCCL, जिला प्रशासन, PWD, CISF और स्थानीय पुलिस के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

खुदाई का उद्देश्य फिलहाल भू-धसान के वास्तविक दायरे का पता लगाना और जमीन के नीचे मौजूद कोयले की स्थिति का आकलन करना बताया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच चल रहे इस काम को देखने के लिए आसपास के लोग भी मौके पर जुटे रहे।

कोयले की मात्रा के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई

मौके पर मौजूद BCCL और PWD के अधिकारी फिलहाल कैमरे पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार पहले खुदाई के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि जमीन के नीचे कितना कोयला मौजूद है। अगर कोयले की मात्रा कम पाई जाती है तो उसे निकालने के बाद भू-धसान वाले हिस्से की भराई की जाएगी। इसके बाद PWD की ओर से सड़क की मरम्मत कर यातायात को सामान्य करने की दिशा में काम किया जाएगा। यानी फिलहाल सड़क को दोबारा चालू करने से पहले जमीन के नीचे की वास्तविक स्थिति को समझना प्रशासन और BCCL की प्राथमिकता है।

काम शुरू होने से लोगों को राहत, लेकिन चिंता बरकरार

भू-धसान प्रभावित सड़क पर काम शुरू होने से स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही सड़क की समस्या का समाधान होगा और आवागमन सामान्य हो सकेगा। लेकिन खुदाई के साथ ही कोयला खनन को लेकर उनकी चिंता भी सामने आई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी BCCL की ओर से किए गए दावों और जमीन पर हुए काम में अंतर देखने को मिला है। ऐसे में उन्हें आशंका है कि यदि कोयला निकालने का दायरा बढ़ाया गया और यह आबादी वाले इलाके तक पहुंचा, तो वर्षों से यहां रह रहे लोगों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो सकता है।

लोगों की मांग है कि सड़क की समस्या का समाधान करते समय स्थानीय आबादी की सुरक्षा और भविष्य को भी ध्यान में रखा जाए।

चार महीने बाद शुरू हुई कार्रवाई पर लोगों की नजर

केन्दुआडीह NH-32 पर भू-धसान की घटना के करीब चार महीने बाद शुरू हुई इस कार्रवाई को इलाके के लोग महत्वपूर्ण मान रहे हैं। फिलहाल BCCL की टीम जमीन के नीचे की स्थिति का आकलन कर रही है।

अब खुदाई के बाद सामने आने वाली रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि भू-धसान वाले हिस्से में किस तरह की भराई और मरम्मत की जाएगी और सड़क पर यातायात कब तक सामान्य हो पाएगा। वहीं, अगर कोयला निकालने की स्थिति बनती है तो स्थानीय आबादी पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसको लेकर भी लोगों की नजर आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है।

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SURBHI SHIPRA is a news editor, content writer , and graphic designer with experience in digital journalism and online media . she specializes in editing news ,articles, content writing, fact-checking , and creating engaging digital content . Along with editorial work, She designs eye-catching graphic and YouTube thumbnails . She is committed to delivering accurate, informative , and reader- focused content with creativity and professionalism. currently working as a journalist at Jharkhand Digital

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