Friday, October 23

उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख रुपये तक का लोन, महज 4% साधारण ब्याज; सरकार ने बदले नियम, जानिए कौन उठा सकता है लाभ और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

झारखंड में आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा का सपना छोड़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव कर विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। अब योजना के तहत शिक्षा ऋण लेने के लिए निर्धारित 5 प्रतिशत मार्जिन मनी की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही, लोन मिलने में देरी के कारण पहले सेमेस्टर या प्रथम वर्ष की फीस अपनी जेब से जमा करने वाले पात्र विद्यार्थियों को भी राहत मिलेगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले जमा की गई फीस की एकमुश्त प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है।

राज्य सरकार की इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसे की कमी के कारण किसी विद्यार्थी की पढ़ाई बीच में न छूटे। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को अधिकतम 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण 4 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज दर पर मिल सकता है।

क्या है गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना?

गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड यानी GSCC झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की योजना है। इसके माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए बैंक के जरिए शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को आगे पढ़ने का अवसर देना है। विद्यार्थी राज्य के साथ-साथ योजना के नियमों के अनुसार दूसरे राज्यों और पात्र संस्थानों में भी पढ़ाई के लिए ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

इस योजना के तहत ऋण की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये निर्धारित है। इस पर सालाना 4 प्रतिशत साधारण ब्याज देना होता है। हालांकि, लोन मिलना विद्यार्थी की पात्रता, चुने गए पाठ्यक्रम, संस्थान और बैंक की जांच तथा स्वीकृति पर निर्भर करेगा।

सरकार ने क्या-क्या बदलाव किए हैं?

1. पांच प्रतिशत मार्जिन मनी की बाध्यता खत्म

पहले योजना के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार पांच प्रतिशत मार्जिन मनी की व्यवस्था लागू थी। अब इस बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। इससे पात्र विद्यार्थियों पर पढ़ाई के लिए शुरुआती रकम जुटाने का दबाव कम होगा। यह बदलाव अधिकतम 15 लाख रुपये तक के ऋण से संबंधित है।

2. पहले जमा की गई फीस की होगी प्रतिपूर्ति

कई बार कॉलेज में दाखिले के समय फीस जमा करने की अंतिम तारीख आ जाती है, जबकि बैंक से शिक्षा ऋण मिलने में समय लगता है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों या उनके परिवारों को अपनी बचत से फीस जमा करनी पड़ती है।

नए बदलाव के तहत पात्र विद्यार्थियों द्वारा पहले से जमा की गई प्रथम सेमेस्टर या प्रथम वर्ष की फीस की एकमुश्त प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। इसके लिए वेब पोर्टल के माध्यम से आवेदन और निर्धारित सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फीस वापसी अपने आप नहीं होगी; संबंधित दस्तावेजों और पात्रता की जांच जरूरी होगी।

3. अधिक संस्थानों में पढ़ाई का अवसर

योजना का दायरा बढ़ाने के तहत केंद्रीय विश्वविद्यालयों और कुछ अन्य राष्ट्रीय संस्थानों को भी शामिल करने की जानकारी सामने आई है। इनमें साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, नालंदा यूनिवर्सिटी, इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी और राजीव गांधी नेशनल एविएशन यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान शामिल बताए गए हैं। हालांकि, आवेदन से पहले संबंधित संस्थान की मौजूदा पात्रता सूची जरूर जांचनी चाहिए।

गुरुजी क्रेडिट कार्ड से विद्यार्थियों को क्या लाभ मिलेगा?

इस योजना के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण: पात्र पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए निर्धारित अधिकतम सीमा तक वित्तीय सहायता।
  • 4 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज: सामान्य शिक्षा ऋण की तुलना में कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा।
  • मार्जिन मनी से राहत: पांच प्रतिशत मार्जिन मनी की बाध्यता खत्म होने से शुरुआती वित्तीय बोझ कम होगा।
  • पहले जमा फीस की वापसी: निर्धारित शर्तों के तहत प्रथम सेमेस्टर या प्रथम वर्ष की पहले जमा फीस की प्रतिपूर्ति।
  • उच्च और व्यावसायिक शिक्षा का अवसर: पात्र संस्थानों में आगे की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता।
  • बैंक के माध्यम से ऋण: आवेदन की जांच और स्वीकृति के बाद निर्धारित प्रक्रिया से शिक्षा संबंधी खर्च का भुगतान।

ध्यान रहे कि यह छात्रवृत्ति नहीं, बल्कि शिक्षा ऋण है। विद्यार्थी को स्वीकृत ऋण की राशि और लागू शर्तों के अनुसार पुनर्भुगतान करना होगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित मान्यता प्राप्त विद्यालय से दसवीं पास होना जरूरी है।
  • स्नातक या उच्च स्तर के पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित मान्यता प्राप्त विद्यालय से दसवीं और बारहवीं उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • विद्यार्थी का दाखिला योजना के लिए पात्र शिक्षण संस्थान और पाठ्यक्रम में होना चाहिए।
  • ऋण के लिए बैंक और योजना की ओर से निर्धारित दस्तावेज तथा अन्य शर्तें पूरी करनी होंगी।

सिर्फ झारखंड का निवासी होना या बारहवीं पास होना अपने आप ऋण की मंजूरी की गारंटी नहीं है। पाठ्यक्रम और संस्थान की पात्रता की पुष्टि आवेदन से पहले करना जरूरी है।

गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें?

विद्यार्थी योजना के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

पहला चरण: गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। वहां नए विद्यार्थी के रूप में रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनें।

दूसरा चरण: अपना नाम, ई-मेल आईडी और मांगी गई जानकारी दर्ज करें। मोबाइल या ई-मेल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन पूरा करें।

तीसरा चरण: रजिस्ट्रेशन के बाद प्राप्त लॉगिन विवरण से पोर्टल पर प्रवेश करें और आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, पता, शैक्षणिक योग्यता तथा पाठ्यक्रम से संबंधित विवरण भरें।

चौथा चरण: मांगे गए दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। फॉर्म जमा करने के बाद प्राप्त आवेदन संख्या को सुरक्षित रखें।

पांचवां चरण: पोर्टल पर उपलब्ध पात्र ऋणदाता बैंक या वित्तीय संस्था का चयन करें और आवेदन की समीक्षा की प्रक्रिया पूरी करें। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत होने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार राशि जारी की जाएगी।

फीस प्रतिपूर्ति के लिए पात्र विद्यार्थी को पोर्टल पर उपलब्ध संबंधित विकल्प और निर्देशों के अनुसार अलग से आवेदन करना पड़ सकता है। इसके लिए पहले जमा फीस की रसीद और संस्थान से संबंधित दस्तावेज तैयार रखें। आवेदन की मौजूदा प्रक्रिया पोर्टल पर दिए गए निर्देशों से मिलाकर ही पूरी करें।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज तैयार रखें?

आवेदन के दौरान सामान्य तौर पर निम्नलिखित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:

  • आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो
  • दसवीं और बारहवीं की मार्कशीट
  • कॉलेज या विश्वविद्यालय का प्रवेश पत्र
  • पाठ्यक्रम और फीस का विवरण
  • झारखंड का आवासीय प्रमाण पत्र, जहां आवश्यक हो
  • आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
  • बैंक पासबुक या खाते का विवरण
  • जन्मतिथि से संबंधित प्रमाण
  • पहले जमा की गई फीस की रसीद, यदि प्रतिपूर्ति का दावा करना है

दस्तावेजों की अंतिम सूची पोर्टल और संबंधित बैंक के निर्देशों के अनुसार अलग हो सकती है।

फीस रिफंड पाने के लिए विद्यार्थियों को क्या करना चाहिए?

जिन विद्यार्थियों ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण मिलने से पहले कॉलेज की फीस अपनी जेब से जमा की थी, उन्हें अपनी फीस रसीद, प्रवेश से संबंधित दस्तावेज और बैंक विवरण सुरक्षित रखने चाहिए। इसके बाद पोर्टल पर उपलब्ध प्रतिपूर्ति संबंधी निर्देशों के अनुसार आवेदन करना चाहिए।

फीस की वापसी की पात्रता, अधिकतम स्वीकार्य राशि और भुगतान की समय-सीमा की पुष्टि संबंधित विभाग या पोर्टल से कर लें। केवल फीस जमा करने से रिफंड अपने आप मिलने की गारंटी नहीं है।

आर्थिक परेशानी के कारण पढ़ाई नहीं छोड़नी पड़ेगी

गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में किए गए बदलावों से उन विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें कॉलेज की फीस और अन्य शैक्षणिक खर्च जुटाने में परेशानी होती है। मार्जिन मनी खत्म होने से ऋण लेने के समय शुरुआती वित्तीय बोझ कम होगा, जबकि पहले जमा फीस की प्रतिपूर्ति से उन परिवारों को मदद मिल सकती है जिन्होंने बैंक से ऋण मिलने तक अपनी बचत खर्च की थी।

हालांकि, विद्यार्थियों को आवेदन करने से पहले पात्रता, संस्थान की सूची, फीस प्रतिपूर्ति के नियम और बैंक की शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए, ताकि आवेदन में कोई कमी न रह जाए।

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