रांची। डोरंडा के उर्दू लाइब्रेरी के पास हुई फायरिंग की घटना में अब नया अपडेट सामने आया है। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों ओर से एक-दूसरे पर फायरिंग समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, घटना के बाद अब तक पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
मामले में ग्वाला टोली निवासी सोयम गद्दी के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में लाइन मोहल्ला निवासी मो. सज्जू समेत करीब 35 लोगों को आरोपी बनाया गया है। वहीं, दूसरे पक्ष से जावेद अनवर ने छोटू गद्दी, संजर खान और मो. अफाक समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जावेद अनवर ने पुलिस को दिए बयान में खुद को अल्ताफ अंसारी हत्याकांड का गवाह बताया है। उसके मुताबिक, 13 सितंबर की रात उसके घर के बाहर करीब छह राउंड फायरिंग की गई। उसने आरोप लगाया है कि छोटू गद्दी, संजर खान और मो. अफाक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गोलीबारी की।
फायरिंग की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। जांच के दौरान घटनास्थल से पांच खोखा और एक कारतूस बरामद किया गया। इससे पहले पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगालने और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाने में लगी थी।
अब दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने मामले की पूरी तस्वीर साफ करने की चुनौती है। पुलिस दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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