रांची: झारखंड में छात्रों पर दर्ज मामलों की वापसी को लेकर भाजपा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों के विभिन्न मुद्दों और भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर भाजपा की ओर से अलग-अलग जिलों में विरोध-प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में सरायकेला-खरसावां में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया और ज्ञापन सौंपा। वहीं, पाकुड़ में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर सरकार को घेरा और छात्रों के साथ न्याय की मांग की।

भाजपा का कहना है कि छात्रों के आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने तक पार्टी का विरोध जारी रहेगा। सरायकेला-खरसावां में आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि जब तक छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते और परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की जांच सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध करते रहेंगे।
पाकुड़ में भी इसी मुद्दे को लेकर भाजपा ने प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रों के विभिन्न मुद्दों और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उनके नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया और सरकार से छात्रों के साथ न्याय करने की मांग की गई। भाजपा के मुताबिक, अलग-अलग जिलों में डीसी कार्यालयों का घेराव इसी राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है।
26 दिन के छात्र आंदोलन का मुद्दा फिर गरमाया
भाजपा नेताओं ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों के लंबे आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। आदित्य साहू ने दावा किया कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से 26 दिनों तक अनशन पर बैठे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान छात्रों को परेशान किया गया और भारी बारिश के बीच उन्हें टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गई।
साहू ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ करीब 1000 मुकदमे दर्ज किए गए और उन्हें डराने के लिए उनके घरों तथा हॉस्टलों में रात के समय पुलिस की छापेमारी की गई। उन्होंने इन मामलों को वापस लेने की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस होने तक भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा।
भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली पर भी सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। आदित्य साहू ने सीजीएल परीक्षा को लेकर आरोप लगाया कि चयनित छात्रों को देश के बाहर ले जाकर प्रश्न लीक कराए गए और जवाब रटवाए गए। उन्होंने दावा किया कि रटवाए गए 150 प्रश्नों में से 120 प्रश्न परीक्षा में समान आए।
उन्होंने स्थानीय भाषा से जुड़े चयन पर भी सवाल उठाया। साहू ने आरोप लगाया कि खोरठा और नागपुरी जैसी स्थानीय भाषाओं की जानकारी नहीं रखने वाले छात्रों का इन विषयों के लिए चयन हुआ, जबकि इन भाषाओं की जानकारी रखने वाले अभ्यर्थियों का चयन नहीं किया गया।
सरकार पर रोजगार के साथ खिलवाड़ का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने झामुमो-कांग्रेस सरकार पर झारखंड के छात्रों के रोजगार और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार पर छात्रों के हितों की अनदेखी और नौकरी से जुड़े मामलों में गड़बड़ी के आरोप गंभीर हैं।
उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बालू, कोयला, पत्थर और जमीन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। हालांकि, ये सभी आरोप भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
MMDR बिल को लेकर भी राजनीतिक हमला
प्रदर्शन के दौरान आदित्य साहू ने एमएमडीआर बिल को लेकर झामुमो और कांग्रेस पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बिल झारखंड के हित में है। उन्होंने राज्य सरकार की कोयला और लौह अयस्क पर सेस लगाने की नीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इससे कोयले और लोहे की बिक्री प्रभावित हुई है और राज्य को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
साहू ने राज्य सरकार के संरक्षण में अवैध कोयला और लौह खनन होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर खनिजों का कानूनी तरीके से खनन होगा तो इसका लाभ राज्य के गांवों, गरीबों और मजदूरों तक पहुंचेगा।
फिलहाल भाजपा ने छात्रों पर दर्ज मामलों की वापसी और भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की सीबीआई जांच को अपने आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बना लिया है। पार्टी नेताओं ने साफ किया है कि इन मांगों को लेकर जिला स्तर पर प्रदर्शन का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
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