बोकारो: बोकारो के कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल शुरू हो गई है। घाटी के प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करने और स्थानीय हाट-बाजारों को मॉडल रूप देने की योजना तैयार की जा रही है। इससे क्षेत्र की पहचान बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों, महिला स्वयं सहायता समूहों और बांस के कारीगरों के लिए आर्थिक अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
इसी उद्देश्य से गुरुवार को DC अजय नाथ झा ने सेवाती घाटी का भ्रमण किया। उनके साथ उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी संदीप शिंदे, अपर समाहर्ता सुनील चन्द्र, बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी मनोज कुमार, प्रशिक्षु आईएएस अरविन्द राधा कृष्णन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। भ्रमण के बाद उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ बैठक कर घाटी के पर्यटन विकास और सुंदरीकरण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सड़क कनेक्टिविटी से पर्यटन को मिलेगी रफ्तार
DC ने कहा कि सेवाती घाटी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इसके व्यवस्थित विकास से न केवल स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह धार्मिक और सांस्कृतिक मेलजोल के केंद्र के रूप में भी उभर सकता है। बनारस-कोलकाता राजमार्ग के समीप होने से यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने की संभावनाएं भी हैं।
उन्होंने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को क्षेत्र को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी से जुड़ी विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही, विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण और घाटी के प्राकृतिक सौंदर्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। योजना में हरियाली और प्राकृतिक दृश्य को सुरक्षित रखते हुए विकास कार्य करने की बात कही गई।
मॉडल हाट-बाजार बनेंगे स्थानीय अर्थव्यवस्था का आधार
सेवाती घाटी के आसपास के हाट-बाजारों को पर्यटन सर्किट से जोड़कर मॉडल हाट-बाजार के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए उपायुक्त ने अंचल अधिकारी को क्षेत्र के सभी हाट-बाजारों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
इस पहल से स्थानीय बाजारों में गतिविधियां बढ़ने और ग्रामीण उत्पादों को बेहतर पहचान मिलने की उम्मीद है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी अपने उत्पादों और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। क्षेत्र में बांस से जुड़े काम बड़ी मात्रा में होते हैं, ऐसे में बांस के कारीगरों को भी अपने हुनर और उत्पादों के लिए व्यापक बाजार मिलने की संभावना है।
पर्यटकों को परोसी जाएगी खास ‘सेवाती थाली’
सेवाती घाटी की स्थानीय संस्कृति और खानपान को पर्यटन से जोड़ने के लिए एक खास पहल की योजना है। यहां के पारंपरिक व्यंजनों से सजी ‘सेवाती थाली’ को होटल और रेस्तरां में पर्यटकों के सामने परोसने की योजना बनाई जा रही है। इससे बाहर से आने वाले पर्यटक क्षेत्र के स्थानीय स्वाद और सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकेंगे। साथ ही, स्थानीय व्यंजनों को नई पहचान मिलने और इससे जुड़े लोगों की आजीविका को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विकास की पूरी योजना राज्य सरकार को भेजी जाएगी
DC अजय नाथ झा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सेवाती घाटी के पर्यटन विकास और सुंदरीकरण से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव अनुमोदन के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। योजना में सड़क कनेक्टिविटी, स्थानीय बाजारों का विकास, प्राकृतिक सौंदर्य का संरक्षण और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
सेवाती घाटी को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की यह पहल स्थानीय संसाधनों, परंपराओं और हुनर को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। योजना को मंजूरी मिलने और धरातल पर काम आगे बढ़ने के साथ क्षेत्र में पर्यटन, कारोबार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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