गोंडा में कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बाबा रामदेव और पतंजलि के उत्पादों को लेकर एक बार फिर बयान दिया है। उन्होंने पतंजलि के देसी घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मिलावट के आरोप लगाए। साथ ही 50 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे का जिक्र करते हुए कहा कि अगर इस मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा तो वह जेल जाने के लिए तैयार हैं।
बृजभूषण शरण सिंह ने बाबा रामदेव के उत्पादों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कई उत्पाद अब बंद हो चुके हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा, “दवा बंद हो गई, घी बंद हो गया। केवल चड्डी बची है। बाकी सब बंद हो गया।”
देसी घी की कीमत बढ़ने की बात
पूर्व सांसद ने देसी घी की कीमत बढ़ने की बात भी कही। उन्होंने बाजार में बड़ी मात्रा में बिक रहे देसी घी को लेकर सवाल उठाया कि इतनी मात्रा में घी तैयार करने के लिए आखिर इतनी बड़ी संख्या में देसी गायें कहां पाली गई हैं।
उन्होंने लोगों से घी की गुणवत्ता और उसके उत्पादन को लेकर सवाल करने की बात कही। बृजभूषण ने बाजार में उपलब्ध घी की वास्तविक गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया।
कनाडा और सिंगापुर के कचरे का आरोप
बृजभूषण शरण सिंह ने आरोप लगाया कि कनाडा और सिंगापुर से कचरा लाकर उसे रिफाइंड करने के बाद खाद्य पदार्थों में मिलाया जा रहा है। उन्होंने मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार को लेकर भी सवाल उठाए।
बाबा रामदेव और पतंजलि पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “नकली खाद्य पदार्थ के लिए ये सम्राट हैं।” साथ ही उन्होंने सरकार से मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि लोगों की सेहत से जुड़े इस मामले में सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।
50 करोड़ रुपये के मानहानि मामले पर भी बयान
बृजभूषण शरण सिंह के इन बयानों के बीच पतंजलि फूड्स लिमिटेड की ओर से उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया गया है। यह मामला पतंजलि के घी की गुणवत्ता को लेकर पूर्व सांसद की ओर से दिए गए पुराने बयानों से जुड़ा बताया गया है। मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चल रही है।
मानहानि के इस मामले पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अगर उन्हें जेल जाना पड़ा तो वह जेल चले जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह जमानत नहीं कराएंगे। उनका कहना था कि कम से कम इसी बहाने लोगों के बीच जागरूकता तो फैलेगी।
पहले भी पतंजलि के उत्पादों पर उठा चुके हैं सवाल
बृजभूषण शरण सिंह इससे पहले भी बाबा रामदेव और पतंजलि के उत्पादों को लेकर बयान दे चुके हैं। अगस्त 2026 में उन्होंने मिलावटी खाद्य पदार्थों और नकली घी को लेकर भी बयान दिया था।
पतंजलि के घी की गुणवत्ता को लेकर दिए गए बयानों के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद अब मानहानि के मुकदमे तक पहुंच चुका है। वहीं, पतंजलि की ओर से मानहानि मामले में कंपनी की छवि को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है।
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