चैनपुर (गुमला): मोहर्रम पर्व को लेकर चैनपुर में शांति और सौहार्द का माहौल बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। हाल ही में चैनपुर थाना परिसर में आयोजित एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि इस वर्ष का चैनपुर मोहर्रम पर्व भी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करेगा। एसडीपीओ श्रुति ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मोहर्रम का जुलूस नियमों के दायरे में ही निकलेगा और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्थानीय लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की।
चैनपुर मोहर्रम: शांति और सुरक्षा पर जोर, एसडीपीओ श्रुति के कड़े निर्देश
चैनपुर थाना परिसर में आयोजित इस बैठक में एसडीपीओ श्रुति ने शांतिपूर्ण मोहर्रम संपन्न कराने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में थाना प्रभारी अरविंद कुमार, अंचल अधिकारी दिनेश कुमार, उप प्रमुख प्रमोद खलखो, सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा सहित शांति समिति और मोहर्रम कमेटी के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय प्रशासन और समुदाय के लोग मिलकर इस महत्वपूर्ण पर्व को सफल बनाने के लिए कटिबद्ध हैं।
मोहर्रम कमेटी के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों से निकलने वाले जुलूस के मार्गों की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने सभी कमेटियों को सख्त निर्देश दिए कि जुलूस निर्धारित समय सीमा के भीतर ही संपन्न होने चाहिए। इसके साथ ही, जुलूस के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों को सक्रिय रखने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की बात भी कही गई। यह सभी प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि मोहर्रम का पवित्र पर्व बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।
सोशल मीडिया पर अफवाहों से रहें सावधान
एसडीपीओ श्रुति ने सोशल मीडिया के संभावित दुरुपयोग पर विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री को साझा न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई असामाजिक तत्व शांति भंग करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह संदेश उन सभी लोगों के लिए है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करते हैं। प्रशासन ऐसी गतिविधियों पर पैनी नजर रखेगा।
अंचल अधिकारी दिनेश कुमार ने भी लोगों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तत्काल चैनपुर थाना को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। यह नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और शांति बनाए रखने में मदद करें।
चैनपुर की गंगा-जमुनी तहजीब और कौमी एकता
सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा ने बैठक में चैनपुर की उस अनूठी परंपरा की सराहना की, जहाँ गंगा-जमुनी तहजीब और कौमी एकता हमेशा से कायम रही है। उन्होंने कहा कि यहाँ के लोग सदियों से सभी पर्व-त्योहारों को मिल-जुलकर मनाते आए हैं, जो क्षेत्र की सांप्रदायिक सद्भाव की मजबूत नींव को दर्शाता है। अल्बर्ट तिग्गा ने विश्वास जताया कि इस बार भी चैनपुर मोहर्रम पर्व शांति और भाईचारे के माहौल में ही संपन्न होगा। यह विश्वास स्थानीय लोगों की एकता और समझदारी पर आधारित है।
बैठक में उपस्थित उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार, विशेषकर कोरेक्स, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं सेवन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस गंभीर समस्या के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाने की मांग की। नशे का कारोबार युवाओं के भविष्य और समाज के ताने-बाने को कमजोर करता है, और इस पर लगाम लगाना अत्यंत आवश्यक है। यह मांग स्थानीय जनता की भलाई के लिए एक संवेदनशील कदम है।
बैठक में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
शांति समिति की इस बैठक में एसआई राजेंद्र मंडल, विजय उरांव, एएसआई संतोष, धर्मपाल लुगुन, बासुदेव सेवईया, नंदू कुमार सहित अंजुमन के सदर शकील खान, मनोहर बड़ाईक, रशीद खान, महमूद खान तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और कमेटी सदस्य उपस्थित थे। इन सभी की उपस्थिति ने बैठक को और भी महत्वपूर्ण बना दिया और यह दर्शाया कि पूरा समुदाय इस पर्व को शांतिपूर्वक मनाने के लिए एकजुट है। यह बैठक सिर्फ निर्देशों का आदान-प्रदान नहीं था, बल्कि यह स्थानीय समुदाय की सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रतीक थी कि वे अपने क्षेत्र में हमेशा शांति और भाईचारे को बनाए रखेंगे।
इस वर्ष का चैनपुर मोहर्रम पर्व एक बार फिर यह संदेश देगा कि विविधता में एकता ही हमारी पहचान है। प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से यह सुनिश्चित होगा कि यह पवित्र पर्व पूरी गरिमा और सौहार्द के साथ संपन्न हो।
