बोकारो: कोतरे बसंतपुर पंचमो कोयला परियोजना में खनन से लेकर खदान बंद होने तक की पूरी कार्ययोजना अब निर्धारित समयसीमा के साथ तैयार करनी होगी। बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने सोमवार को एम/एस केबीपीएमपीएल एवं सीसीएल की परियोजना से संबंधित समन्वय बैठक में कंपनी को यह निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना में भूमि सत्यापन, रैयतों के हित, रोजगार, मुआवजा और क्षेत्र के विकास से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।
खनन से खदान बंदी तक की योजना तैयार करने का निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित कंपनी को खनन गतिविधियों से लेकर खदान बंद होने तक की संपूर्ण कार्ययोजना तैयार कर समिति के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजना के प्रत्येक कार्य की समयसीमा तय हो, ताकि भूमि सत्यापन, रैयतों के हितों की सुरक्षा, रोजगार और मुआवजे से जुड़े मामलों पर समयबद्ध तरीके से निर्णय लिया जा सके।
खदान बंद होने के बाद के विकास की भी देनी होगी जानकारी
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कंपनी से प्रस्तावित विकास योजनाओं और गैर-खनन क्षेत्र में भूमि के उपयोग से संबंधित विस्तृत जानकारी देने को कहा। इसके साथ ही खदान बंद होने के बाद पुनर्वास और क्षेत्र के विकास के लिए बनाई गई योजना का विवरण भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
उन्होंने पूरी कार्ययोजना को पारदर्शी रखने और सभी संबंधित बिंदुओं को स्पष्ट रूप से शामिल करने पर जोर दिया, ताकि परियोजना से जुड़े मामलों पर व्यवस्थित तरीके से आगे की कार्रवाई की जा सके।
बैठक में कई अधिकारी और रैयत रहे मौजूद
समन्वय बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, संलग्न पदाधिकारी वन संदीप शिंदे, जिला खनन पदाधिकारी रवि कुमार, एपीआरओ अविनाश कुमार, कंपनी के प्रतिनिधि और रैयत उपस्थित रहे।
वहीं, ऑनलाइन माध्यम से पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा, डीएफओ नीतीश कुमार और सीओ अफताब आलम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी बैठक से जुड़े।
बैठक का मुख्य उद्देश्य परियोजना से संबंधित कार्यों की स्पष्ट समयसीमा तय करना और भूमि, रोजगार, मुआवजे, पुनर्वास तथा खदान बंद होने के बाद क्षेत्र के विकास जैसे विषयों पर समन्वय के साथ आगे बढ़ना रहा।
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