नदिया। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्वतंत्रता दिवस की रात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनीसुर रहमान और उनके 24 वर्षीय बेटे अबू सुफियान की हत्या कर दी गई। वारदात नक्काशीपाड़ा थाना क्षेत्र के बेथुआडहरी रेलवे फाटक के पास हुई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, अनीसुर रहमान अपने बेटे के साथ चार पहिया वाहन से जा रहे थे। इसी दौरान कुछ हमलावरों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। आरोप है कि बदमाशों ने वाहन पर लगातार गोलियां चलाईं। गाड़ी रुकने के बाद हमलावरों ने पिता-पुत्र पर धारदार हथियार से भी हमला किया।
हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नक्काशीपाड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की।
हत्या के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप
घटना के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हत्या को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि इलाके में राजनीतिक दबदबा कायम करने के लिए पिता-पुत्र को निशाना बनाया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जेल में बंद तृणमूल कांग्रेस नेता जुब्बार शेख के इशारे पर हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है।
हालांकि, इन आरोपों की अभी पुलिस या किसी आधिकारिक एजेंसी की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस हत्या के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान का पता लगाने में जुटी है।
अधीर रंजन चौधरी ने की घटना की निंदा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने दोहरे हत्याकांड की कड़ी निंदा की। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे मौके पर इस तरह की हिंसक घटना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस ने किया ‘काला दिवस’ का ऐलान
नदिया में हुई पिता-पुत्र की हत्या के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने रविवार को पूरे पश्चिम बंगाल में ‘काला दिवस’ मनाने की घोषणा की है। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटा रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। हमलावरों की पहचान और हत्या की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस वारदात के पीछे राजनीतिक विवाद था, व्यक्तिगत दुश्मनी थी या कोई अन्य कारण।
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