Wednesday, October 28

जनक नगर ओझा मार्केट में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में हुए शामिल, बोले- भागवत महापुराण जीवन में भक्ति, कर्तव्य और मानवता का देता है संदेश

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश बुधवार को राजधानी रांची के पिस्का मोड़ स्थित जनक नगर ओझा मार्केट में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बीच बैठकर भागवत कथा का श्रवण किया और आयोजन से जुड़े लोगों से मुलाकात की। इस दौरान धार्मिक और भक्तिमय माहौल के बीच उन्होंने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सामाजिक सद्भाव के महत्व पर जोर दिया।

भागवत महापुराण में जीवन जीने की कला का संदेश

कथा में शामिल होने के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला, कर्तव्य, भक्ति और मानवता का संदेश देने वाला अमूल्य खजाना है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन लोगों को सकारात्मक सोच अपनाने और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में समाज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में सत्य, अहिंसा, सेवा और आपसी सद्भाव जैसे मूल्यों को अपनाना बेहद जरूरी है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन इन मूल्यों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत पर दिया जोर

केशव महतो कमलेश ने आयोजन में उपस्थित श्रद्धालुओं, संतों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन जरूरी है। ऐसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। साथ ही समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश प्रसारित करने पर जोर दिया।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की रही भागीदारी

जनक नगर ओझा मार्केट में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और आम नागरिक मौजूद रहे। कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की मौजूदगी से कार्यक्रम की राजनीतिक और सामाजिक चर्चा भी हुई।

धार्मिक आयोजन में उनकी भागीदारी को सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से भक्ति, सेवा और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।

Share.
Next Story
ब्लड कैंसर के हाई-रिस्क मरीज ने दी बीमारी को मात, पारस एचईसी हॉस्पिटल में इलाज के बाद लौटी सामान्य जिंदगी
Exit mobile version