Wednesday, October 28

मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल से रेफर होकर रांची पहुंचा था मरीज, डॉ. गुंजेश कुमार सिंह की देखरेख में चला लंबा इलाज; अब एक साल से मेंटेनेंस थेरेपी पर

रांची। ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक मरीज ने इलाज के बाद सामान्य जिंदगी में वापसी की है। पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में मरीज का उपचार किया गया। मरीज एक्यूट लिंफोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (ALL) के हाई-रिस्क वेरिएंट फिलाडेल्फिया पॉजिटिव (Ph-positive) से पीड़ित था। इलाज के लिए उसे मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल से रांची रेफर किया गया था। पारस एचईसी हॉस्पिटल में मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. गुंजेश कुमार सिंह की अगुवाई में उपचार शुरू हुआ। अस्पताल के अनुसार, लंबे इलाज और लगातार निगरानी के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और फिलहाल वह कैंसर-मुक्त है।

कीमोथेरेपी के दौरान आईं कई चुनौतियां

डॉ. गुंजेश कुमार सिंह ने बताया कि मरीज का उपचार आसान नहीं था। कीमोथेरेपी के दौरान उसे गंभीर संक्रमण, खून की कमी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ा। इन समस्याओं के कारण मरीज को कई बार अस्पताल में भर्ती भी करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और जरूरत के अनुसार चिकित्सा प्रबंधन किया गया। लंबे समय तक चले उपचार और नियमित निगरानी के बाद मरीज की हालत में सुधार आया। अस्पताल के मुताबिक, मरीज पिछले लगभग एक वर्ष से मेंटेनेंस थेरेपी पर है और नियमित फॉलो-अप करा रहा है।

अब बैंक में नौकरी कर सामान्य जीवन जी रहा मरीज

इलाज के बाद मरीज की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है। अस्पताल के अनुसार, मरीज बैंक कर्मचारी है और अब सामान्य रूप से अपने कार्यस्थल जा रहा है। वह रोजमर्रा के काम भी पहले की तरह कर रहा है।

डॉ. गुंजेश कुमार सिंह ने बताया कि पारस एचईसी हॉस्पिटल में विभिन्न प्रकार के कैंसर के इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें हेड एंड नेक कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और ब्लड कैंसर शामिल हैं। अस्पताल में मरीजों की जरूरत के अनुसार सर्जरी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसी उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

समय पर जांच और उपचार है बेहद जरूरी

अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, उन्नत दवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में कई प्रकार के कैंसर का प्रभावी उपचार संभव है। हालांकि, उपचार की सफलता कैंसर के प्रकार, उसकी अवस्था और मरीज की स्थिति सहित कई कारकों पर निर्भर करती है।

उन्होंने कहा कि कैंसर को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। बीमारी से जुड़े संभावित लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय परामर्श और जांच करानी चाहिए। शुरुआती पहचान से कई प्रकार के कैंसर के उपचार के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

झारखंड में ही बेहतर कैंसर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर

डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि अस्पताल का प्रयास है कि झारखंड और आसपास के राज्यों के मरीजों को कैंसर के आधुनिक उपचार के लिए बड़े महानगरों पर निर्भर न रहना पड़े। इसके लिए स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत, स्वास्थ्य बीमा और संबंधित सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपचार का लाभ उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जाता है। अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की कि कैंसर के संभावित लक्षणों को गंभीरता से लें और समय पर जांच तथा उपचार कराएं।

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