जमशेदपुर में कॉपर चोरी गैंग का बड़ा खुलासा: पुलिस की मुस्तैदी से दो गिरफ्तार, 65 किलो तांबा बरामद
जमशेदपुर में कॉपर चोरी के एक बड़े मामले का पुलिस ने सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। आजादनगर थाना क्षेत्र के चेपापुल-पारडीह रोड स्थित इलाईट सहाना प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन इमारत से बिजली के तार चोरी मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस के त्वरित एक्शन और गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें चोरी के तारों से निकाला गया करीब 65 किलो कॉपर भी बरामद किया गया है। यह घटना स्थानीय निवासियों और निर्माण कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है, क्योंकि ऐसे चोरियों से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि परियोजनाओं में भी देरी होती है।
कॉपर चोरी: कैसे शुरू हुई जांच और कैसे पकड़े गए आरोपी?
मामला तब सामने आया जब इलाईट सहाना प्रोजेक्ट की ओर से आजादनगर थाना में कांड संख्या 53/26 दर्ज कराया गया। इस चोरी के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 के तहत जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने तुरंत संज्ञान लिया और पुलिस उपाधीक्षक पटमदा दयानंद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम को चोरों को पकड़ने और चोरी किए गए सामान को बरामद करने का जिम्मा सौंपा गया। पुलिस टीम ने दिन-रात एक कर आरोपियों का पता लगाने में जुट गई, जिसके परिणाम स्वरूप एक बड़ी सफलता हाथ लगी।
पुलिस की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी मोहम्मद शाहरुख उर्फ उमर शाहरुख (19) को उसके ठिकाने से धर दबोचा। शाहरुख की गिरफ्तारी इस पूरे रैकेट को उजागर करने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के लिए गहन रणनीति बनाई गई थी, ताकि उससे अधिक से अधिक जानकारी निकाली जा सके।
शाहरुख का कबूलनामा और चोरी का नेटवर्क
गिरफ्तारी के बाद, शाहरुख ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि चोरी किए गए बिजली के तारों का प्लास्टिक कवर उसने अपने भाई उमर फारुख के साथ मिलकर हटाया था। प्लास्टिक कवर हटाने के बाद, उसमें मौजूद तांबे को अलग कर लिया गया था, जिसे बाद में बेचने की योजना थी। यह तरीका अक्सर ऐसे चोर गिरोह अपनाते हैं ताकि चोरी किए गए सामान की पहचान न हो सके और उसे आसानी से बेचा जा सके।
शाहरुख ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इस तांबे को कपाली के ताजनगर स्थित एक स्क्रैप गोदाम में बेचा था। यह जानकारी पुलिस के लिए एक बड़ा सुराग साबित हुई, जिसने उन्हें पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में मदद की। चोरी के ऐसे मामलों में अक्सर स्क्रैप डीलर की भूमिका भी संदिग्ध होती है, क्योंकि वे अक्सर बिना किसी पहचान या दस्तावेज़ के चोरी का सामान खरीद लेते हैं।
स्क्रैप गोदाम पर छापा और 65 किलो कॉपर की बरामदगी
शाहरुख की निशानदेही पर, पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए संबंधित स्क्रैप गोदाम में छापेमारी की। यह छापेमारी कपाली के ताजनगर इलाके में की गई। छापेमारी के दौरान, पुलिस को करीब 65 किलो बिना कवर वाला कॉपर तार बरामद हुआ, जो चोरी किए गए बिजली के तारों से निकाला गया था। यह बरामदगी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता थी, क्योंकि इससे चोरी हुए माल की पुष्टि हुई और आरोपियों के खिलाफ मजबूत सबूत मिले।
पुलिस ने स्क्रैप गोदाम संचालक फैज अहमद उर्फ भोलु (34) को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया। फैज अहमद उर्फ भोलु ताजनगर, कपाली का रहने वाला है, जबकि मुख्य आरोपी शाहरुख कपाली के डेमडुबी अंसारी नगर का निवासी है। इन दोनों की गिरफ्तारी से साफ होता है कि यह सिर्फ एक साधारण चोरी का मामला नहीं था, बल्कि एक संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दी गई घटना थी।
इस गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और उन्होंने पुलिस प्रशासन की सराहना की है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं और वे दोबारा ऐसी वारदातों को अंजाम देने से डरते हैं।
आपराधिक रिकॉर्ड और आगे की जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मोहम्मद शाहरुख उर्फ उमर शाहरुख का पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2025 (हालांकि यह वर्ष भविष्य का है, मूल पाठ में यही दिया गया है) में भी आजादनगर थाना में चोरी का एक मामला दर्ज किया गया था। यह दर्शाता है कि शाहरुख एक आदतन अपराधी है और ऐसे अपराधों में उसकी संलिप्तता पहले भी रही है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस केवल इन्हीं दो गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे कॉपर चोरी जमशेदपुर नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्य भी सलाखों के पीछे होंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप जमशेदपुर की अन्य खबरों को भी पढ़ सकते हैं।
यह मामला स्थानीय पुलिस की सक्रियता और अपराधों पर नियंत्रण पाने की उनकी प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और ऐसी चोरियों पर अंकुश लगाने के लिए सामुदायिक सहयोग भी महत्वपूर्ण है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल दें, ताकि अपराधों को रोका जा सके।
