Wednesday, October 14

Shanghai, (China): आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर दिखने वाले तथाकथित फिटनेस गुरुओं और इन्फ्लुएंसर्स की बिना सोचे-समझे सलाह मानना किसी के स्वास्थ्य के लिए कितना जानलेवा साबित हो सकता है, इसका एक जीता-जागता उदाहरण चीन से सामने आया है। यहाँ एक फिटनेस इन्फ्लुएंसर की बातों में आकर एक ट्रक चालक ने वजन बढ़ाने वाली बेहद महंगी गोलियां खरीद लीं, लेकिन अपेक्षित लाभ या सेहत बनने के बजाय उसकी तबीयत इस कदर बिगड़ गई कि उसे आनन-फानन में शंघाई शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह घटना एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे को उजागर करती है कि कैसे सोशल मीडिया पर बिकने वाली इन्फ्लुएंसर की दवा या कोई भी स्वास्थ्य सप्लीमेंट बिना डॉक्टरी सलाह के जानलेवा साबित हो सकता है।

इन्फ्लुएंसर की दवा: कैसे सोशल मीडिया के जाल में फंसा शंघाई का ट्रक ड्राइवर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चीन के शंघाई शहर में रहने वाले 63 किलोग्राम वजन के ‘लियू’ नामक एक ट्रक ड्राइवर ने इंटरनेट पर एक बेहद लोकप्रिय फिटनेस इन्फ्लुएंसर की लाइव स्ट्रीमिंग देखी थी। उस लाइव शो के दौरान इन्फ्लुएंसर ने दावा किया था कि उसका यह सप्लीमेंट प्रोडक्ट न केवल बहुत तेजी से वजन बढ़ाने में जादुई मदद करेगा, बल्कि शरीर के समग्र स्वास्थ्य और स्टैमिना में भी उल्लेखनीय सुधार लाएगा। इन्फ्लुएंसर के इन हवा-हवाई और चमकदार दावों से पूरी तरह प्रभावित होकर लियू ने भारी-भरकम रकम खर्च करते हुए लगभग 1 लाख 26 हजार रुपये मूल्य की वजन बढ़ाने वाली गोलियां खरीद लीं और बिना किसी डॉक्टर से पूछे उनका नियमित सेवन शुरू कर दिया। लियू को लगा कि यह इन्फ्लुएंसर की दवा उसके दुबले-पतले शरीर को ताकत देगी और वह स्वस्थ हो जाएगा, लेकिन उसकी यह उम्मीद जल्द ही निराशा में बदल गई।

फायदे की जगह घटा वजन, शरीर में बढ़ीं गंभीर दिक्कतें

दवा शुरू करने के कुछ ही दिनों के भीतर लियू के शरीर पर इसके गंभीर और विपरीत प्रभाव दिखाई देने लगे। उन्हें लगातार पेट में गैस बनने, पेट फूलने, गंभीर रूप से चक्कर आने और लगातार मतली (उल्टी जैसा महसूस होना) जैसी शिकायतें होने लगीं। इसके अलावा, रात-दिन बार-बार पेशाब आने की समस्या भी अचानक काफी बढ़ गई। लियू ने पहले इन लक्षणों को हल्के में लिया, यह सोचकर कि शायद दवा असर कर रही है, लेकिन जब हालत बिगड़ती गई, तो उन्हें एहसास हुआ कि कुछ गलत हो रहा है।

सबसे हैरान और परेशान करने वाली बात यह रही कि वजन बढ़ने के बड़े-बड़े दावों के विपरीत, मात्र एक महीने के भीतर ही लियू का वजन करीब 6.5 किलोग्राम और ज्यादा कम हो गया। उनका शरीर पूरी तरह कमजोर पड़ गया और उन्हें रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी होने लगी। जब हालत लगातार नियंत्रण से बाहर होने लगी, तो परिजनों ने उन्हें तुरंत शंघाई शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी विस्तृत जांच और इलाज में जुटी है। चिकित्सकों को शक है कि इन गोलियों में ऐसे रसायन हो सकते हैं जो लीवर या किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग की जवाबदेही पर छिड़ी बड़ी बहस

इस चौंकाने वाली घटना के सामने आने के बाद चीनी सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और बिना किसी प्रामाणिक चिकित्सकीय सलाह के धड़ल्ले से बेचे जा रहे हेल्थ सप्लीमेंट्स के उपयोग को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। लाखों लोगों ने यह गंभीर सवाल उठाया है कि स्वास्थ्य और दवाओं जैसे संवेदनशील उत्पादों का अंधाधुंध प्रचार करते समय इन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए। इस तरह की इन्फ्लुएंसर की दवा बेचने वालों पर नकेल कसने की मांग उठ रही है। वहीं, साइबर विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को भी सख्त हिदायत दी है कि वे ऐसे विज्ञापनों और दावों पर आंख बंद करके कभी भरोसा न करें। वे अक्सर उत्पादों के वास्तविक प्रभावों को छिपाते हैं और केवल फायदे गिनाते हैं।

चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि बिना डॉक्टर की लिखित सलाह के वजन बढ़ाने या घटाने वाले सप्लीमेंट्स लेना सेहत के लिए बेहद जोखिम भरा हो सकता है। बाजार में मौजूद कई नकली और अनधिकृत उत्पादों में ऐसे खतरनाक तत्व या स्टेरॉयड पाए जाते हैं जो मानव पाचन तंत्र, किडनी, लीवर और हार्मोन संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ देते हैं। ऐसे उत्पादों के सेवन से दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं, जिनका इलाज महंगा और जटिल हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने के लिए हमेशा प्राकृतिक संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और योग्य डॉक्टर का परामर्श ही एकमात्र सबसे सुरक्षित विकल्प है। किसी भी इन्फ्लुएंसर की बातों पर आंख मूंदकर भरोसा करना आपके लिए भारी पड़ सकता है।

यह घटना सिर्फ चीन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में ऑनलाइन स्वास्थ्य उत्पादों के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है। उपभोक्ताओं को अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी पूरक आहार का उपयोग करने से पहले हमेशा एक योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। सोशल मीडिया पर चमकने वाले दावों की सच्चाई अक्सर अलग होती है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में अंधविश्वास और बिना सोचे-समझे लिए गए फैसले कितने घातक हो सकते हैं। हमें हमेशा वैज्ञानिक सलाह और प्रमाणित स्रोतों पर ही विश्वास करना चाहिए।

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